प्रकाशी sentence in Hindi
pronunciation: [ perkaashi ]
"प्रकाशी" meaning in English "प्रकाशी" meaning in Hindi
Examples
- उनमें अर्थ भरने वाला रहा ही नहीं! उन अन्हार भरे प्रकाशी क्षणों में कैसे तुम वाक्यों से शब्द, शब्दों से अक्षर और अक्षरों से उनके रूप छीन कर नभ की ओर उछाल दिया करते थे!
- प्रदर्शन करने वालों में वार्ड सभासद सोनू चावला, मिथलेश, अनिता, रोशनी, कल्लू देवी, उषा, प्रकाशी, श्यामो, प्रेमो, बीना, सुनीता, सरला, चतरो, कुसुम आदि शामिल थी।
- डीजे पॉलीटेक्निक कालेज के क्रीड़ाधिकारी दिनेश शर्मा ने बताया कि महिला वर्ग की ट्रैक एंड फील्ड और टीम इवेंट में मथुरा से मंजू गोला, ज्योति छोंकर, प्रकाशी, पूनम रानी, शामली से दिव्या शर्मा, रचित, निधि, श्रति...
- राष्ट्रीय चैम्पियनशिप और जयपुर, कजाखस्तान के अलमांटी और बैंकाक में एशियाई क्ले स्पर्धा में पदक जीत चुकी सीमा के मुताबिक उसे अच्छा प्रदर्शन करने की प्रेरणा मेरी माँ (प्रकाशी) से मिलती है जो खुद राष्ट्रीय स्तर की निशानेबाज रह चुकी हैं।
- मुकेश के खिलाफ सोहना निवासी आंगनबाड़ी वर्कर प्रकाशी देवी, अनुराधा, एकता, रेणु सोहाना, मधु, अनिता रेखा, हर्ष, ममता, मीणा, मंजीत कौर व सपना, दर्शनी, ममता, संलिदरो राजरानी, ममता व सीमा सरकपुर, हेमा माजरा, रूला हेड़ी व टंगैल गांव की कईं महिलाओं ने मुलाना थाने में शिकायत की।
- 7. अंधेरे और रात्रि के प्रतीक शीतलदायक नाम-निशा, कजली, यामिनी, रजनी, रोशनी, निशी, किरण, दीप्ति, चन्दा, चन्दो, प्रकाशी, प्रकाशो, शीतल, कृष्णा, दीपा, प्रभा, भानुमति, पूर्णिमा, उषा आदि।
- पंचायत में जयपाल सिंह, गजे सिंह, गोपी, रण सिंह, बलजीत, रोहताश, तारा, जर्नाधन, लोती, राम ध्वज, कटारा, ओमबती, पपनों, शिमला, जगबीरी, मोनिका, रेनू, विश्मबरी, प्रकाशी, गुड्डी आदि मौजूद रहे।
- जुगनु हैं ये स्वयं प्रकाशी पल-पल भास्वर पल-पल नाशी कैसा अद्भुत योगदान है इनका भी वर्षा-मंगल में इनकी विजय सुनिश्चित ही है तिमिर तीर्थ वाले दंगल में इन्हें न तुम बेचारे कहना अजी यही तो ज्योति-कीट हैं जान भर रहे हैं जंगल में गीली भादों रैन अमावस...
- एक दृष्टान्त: नब्बे के उत्तरार्ध में बहादुर शाह ज़फर से प्रकाशी एक अंग्रेजी समाचार पत्र में “ एक महिला पत्रकार की खबरे अक्सर प्रथम पृष्ट पर इसलिए छाप जाते थे-माह में २ ०-क्योकि वे संपादक के “ बहुत करीब ” मानी जाती थी.
- जान भर रहे हैं जंगल में जुगनु हैं ये स्वयं प्रकाशी पल-पल भास्वर पल-पल नाशी कैसा अद्भुत योगदान है इनका भी वर्षा-मंगल में इनकी विजय सुनिश्चित ही है तिमिर तीर्थ वाले दंगल में इन्हें न तुम बेचारे कहना अजी यही तो ज्योति-कीट हैं जान भर रहे हैं जंगल में गीली भादों रैन अमावस...