जेरुशलम sentence in Hindi
pronunciation: [ jerushelm ]
Examples
- पंद्रहवीं सदी की शुरुआत में पश्चिम स्पेनी राज्य पुर्तगाल के राजा जॉन के बेटे बड़े हो रहे थे और उस समय तक जेरुशलम समेत समूचे मध्य-पूर्व पर मुस्लिम शासकों का कब्ज़ा हो गया था ।
- पंद्रहवीं सदी की शुरुआत में पश्चिम स्पेनी राज्य पुर्तगाल के राजा जॉन के बेटे बड़े हो रहे थे और उस समय तक जेरुशलम समेत समूचे मध्य-पूर्व पर मुस्लिम शासकों का कब्ज़ा हो गया था ।
- इस प्रकार की कविताओं में ' पत्थर थामे बच्चे ', ' दमिश्क, तुमने क्या किया मेरे वास्ते ', ' जेरुशलम ', ' बलक़ीस ' आदि का उल्लेख किया जा सकता है।
- और अंत में पश्चिमी शक्तियों ने यहूदियों के साथ मिलकर एक षड्यंत्र कर जेरुशलम का स्थान यहूदियों को दे दिया और इस प्रक्रिया में उन्होंने इस्लाम की एकता का आधार रही खिलाफत संस्था को नष्ट कर दिया।
- कृष्ण और येशु दोनों अवतारी पुरषों के जीवन में अद्भुत समानता मिलती है....कृष्ण का जन्म जहाँ कारागार में होता है...वहीं येशु जेरुशलम के एक अस्तबल में पैदा होते है....कृष्ण अगर गोपालक हैं जीसस को गड़रियों का ईश्वर कहा गया।
- कृष्ण का प्रतिबिम्ब क्राईस्ट कृष्ण और येशु दोनों अवतारी पुरषों के जीवन में अद्भुत समानता मिलती है....कृष्ण का जन्म जहाँ कारागार में होता है...वहीं येशु जेरुशलम के एक अस्तबल में पैदा होते है....कृष्ण अगर गोपालक हैं जीसस को गड़रियों का ईश्वर कहा गया।
- मध्य पूर्व में पिछले साठ दशक में जितने भी इस्लामवादी आन्दोलनों ने जन्म लिया है उनके मूल में एक ही प्रेरणा रही है कि जेरुशलम पर नियंत्रण को लेकर अनेक शताब्दियों तक क्रुसेड और जिहाद चलता रहा (क्योंकि तीनों ही सेमेटिक धर्म इस्लाम, ईसाइयत और यहूदी तीनों ही इसे अपने लिये पवित्र मानते हैं)
- मध्य पूर्व में पिछले साठ दशक में जितने भी इस्लामवादी आन्दोलनों ने जन्म लिया है उनके मूल में एक ही प्रेरणा रही है कि जेरुशलम पर नियंत्रण को लेकर अनेक शताब्दियों तक क्रुसेड और जिहाद चलता रहा (क्योंकि तीनों ही सेमेटिक धर्म इस्लाम, ईसाइयत और यहूदी तीनों ही इसे अपने लिये पवित्र मानते हैं) और अंत में पश्चिमी शक्तियों ने यहूदियों के साथ मिलकर एक षड्यंत्र कर जेरुशलम का स्थान यहूदियों को दे दिया और इस प्रक्रिया में उन्होंने इस्लाम की एकता का आधार रही खिलाफत संस्था को नष्ट कर दिया।
- मध्य पूर्व में पिछले साठ दशक में जितने भी इस्लामवादी आन्दोलनों ने जन्म लिया है उनके मूल में एक ही प्रेरणा रही है कि जेरुशलम पर नियंत्रण को लेकर अनेक शताब्दियों तक क्रुसेड और जिहाद चलता रहा (क्योंकि तीनों ही सेमेटिक धर्म इस्लाम, ईसाइयत और यहूदी तीनों ही इसे अपने लिये पवित्र मानते हैं) और अंत में पश्चिमी शक्तियों ने यहूदियों के साथ मिलकर एक षड्यंत्र कर जेरुशलम का स्थान यहूदियों को दे दिया और इस प्रक्रिया में उन्होंने इस्लाम की एकता का आधार रही खिलाफत संस्था को नष्ट कर दिया।