जन्मपूर्व sentence in Hindi
pronunciation: [ jenmepurev ]
"जन्मपूर्व" meaning in English
Examples
- इस से विपरीत जर्मन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष फ्रांक उलरिष ने इस जांच का बचाव करते हुए कहा है, “ हमारा समाज जन्मपूर्व जांच का समर्थन करता है. ”
- जन्मपूर्व और नवजात शिशु संबंधी अवस्थाओं के दौरान एक पदार्थ जो विकास तंत्रिका विज्ञान संबंधी विकास और कार्य और सीखने तथा व्यवहार में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है वह वसा है।
- आज सरकार की इतनी कड़ी पहरेदारी के बीच इसका उपयोग, जन्मपूर्व बच्चे में विकृति जानने तक के लिए भी जनसामान्य मुसीबत और डर या जानकारी के आभाव में इसका उपयोग नहीं करता...
- लिंग निर्धारण रोकने के लिए सख्त एमटीपी कानून की सिफारिश स्वास्थ्य मंत्री सुरेश शेट्टी ने कहा कि केंद्र जन्मपूर्व लिंग निर्धारण से जुड़े कानून पीसीपीएनडीटी की प्रक्रिया पर काम कर रहा है इसलिए उसे सिफारिशें भेजी जाएंगी।
- इस विषय पर काम करने वाले कैंब्रिज विश्वविद्यालय के गोर्डन स्मिथ और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के रुथ फ्रेट ने बताया कि इसकी एक प्रमुख वजह यह है कि पिछले 40 वर्षों में जन्मपूर्व शिशु की जांच प्रक्रिया में कोई खास बदलाव नहीं आया है।
- अब इसके कई उदाहरण मौजूद हैं कि जन्मपूर्व इसके संक्रमण के प्रभाव में आ जाने से जीवन के बाद के वर्षों में भी सिज़ोफ्रेनिया का विकास हो जाता है, बशर्ते इसकी अलावा उदाहरणों में यूटेरो पैथोलॉजी और इस अवस्थिति के विकास के जोखिम के बीच को कड़ी हो.
- कुल एड्स रोगियों में आधी महिलायें हैं, ‘ नेशनल एड्स कन्ट्रोल आर्गेनाइज़ेशन ' ने देश के सात बड़े शहरों में गर्भवती महिलाओं की जन्मपूर्व जांच करने वाले क्लीनिकों से आंकड़े एकत्रित किये उससे यह बात सामने आई कि विवाहित महिलाओं में यह रोग तेज़ी से फैल रहा है।
- क्या उम्मीद की जाए कि पुत्र-मोह की सड़ाँध के आदी इस समाज द्वारा चलाये जा रहे कन्याओं के (जन्मपूर्व / जन्म-बाद के) हत्याभियान को रोकने हेतु कोई बड़ा आन्दोलन होगा? बड़ा न सही, व्यक्तिगत स्तर पर शारीरिक, वाचिक या कम से कम मानसिक सक्रियता ही हम में दिखाई देगी? क्या इतनी तमीज भी हम(नर-नारियों) में नहीं आएगी?
- क्या उम्मीद की जाए कि पुत्र-मोह की सड़ाँध के आदी इस समाज द्वारा चलाये जा रहे कन्याओं के (जन्मपूर्व / जन्म-बाद के) हत्याभियान को रोकने हेतु कोई बड़ा आन्दोलन होगा? बड़ा न सही, व्यक्तिगत स्तर पर शारीरिक, वाचिक या कम से कम मानसिक सक्रियता ही हम में दिखाई देगी? क्या इतनी तमीज भी हम(नर-नारियों) में नहीं आएगी?
- शास्त्रों में व्याख्यायित होने के पूर्व यह लोक-परंपरा कैसे विकसित हुर्इ होगी? दिवंगत अपनों को जन्मतिथि के स्थान पर मृत्युतिथि पर सम्मानांजलि अर्पित करने की परंपरा के संबंध में विचार करें तो प्राचीन काल के कुछ महत्वपूर्ण व्यावहारिक तथ्य इस प्रकार उभरते हैं-संतान यह जानती थी कि उनके जनक-जननी ने उसका सप्रेम लालन-पालन जन्मपूर्व से युवावस्था पर्यन्त किया है।