खुल जा सिमसिम sentence in Hindi
pronunciation: [ khul jaa simesim ]
Examples
- मुझे लगा, इस इस सत्य की उपलब्धि ही वह मंत्र है जिसे ' खुल जा सिमसिम ' कहते हैं और जिसके उच्चारण से गुफा का दरवाजा खोलकर भीतर प्रवेश किया जा सकता है।
- मेरा सुपाड़ा उसके छेद को चौड़ा करता हुआ अन्दर सरकने लगा उसकी बुर की फांकें ऐसे चौड़ी होती गई जैसे अलीबाबा के खुल जा सिमसिम कहते ही उस बंद गुफा का दरवाजा खुल जाया करता था।
- आप तो जानते हैं कोई भी अपने पहले प्रेम और कॉलेज या हाई स्कूल के दिनों को नहीं भूल पाता, मैं भला अपनी सिमरन, अपनी निक्कुड़ी और खुल जा सिमसिम को कैसे भूल सकता हूँ।
- अंक में प्रकाशित कहानियों में-उसके हिस्से का पुरूष (पुष्पा सक्सेना), खो जाते हैं घर (सूरज प्रकाश), खुल जा सिमसिम (सुषम वेदी) एवं तमाचे (प्रतिभा सक्सेना) है।
- नामवरजी की सबसे बड़ी खासियत है कि वे पाठ ; रचनाद्ध की नब्ज पर उसके मर्मस्थल और गुरुत्व केंद्र पर सीधे उंगली रखते हैं और खुल जा सिमसिम के भाव जैसे पाठ का आंतरिक वैभव खुलता जाता है।
- आपकी प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी. हिन्दी चेतना में इस बार.....-कहानियाँ-उसके हिस्से का पुरुष (पुष्पा सक्सेना), खो जाते हैं घर (सूरज प्रकाश), तमाचे (प्रतिभा सक्सेना), खुल जा सिमसिम (सुषम बेदी)-संस्मरण-एक दरवाज़ा बंद हुआ तो दूसरा खुला-डॉ.
- और फिर उसके लिए जब सात रुपए का मनीआर्डर आया था, जब मेरा मासिक वेतन ही करीब 115 रुपए था, तो वैसा ही आह्लाद हुआ था, जैसा कि खुल जा सिमसिम कहने पर गुफ़ा का दरवाज़ा खुलने पर हीरे-जवाहरात से भरी पेटी मिलती है.
- अन्ना हजारे को देश की आम जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि जनलोकपाल बिल कोई ऐसा जादू का पिटारा नहीं है कि खुल जा सिमसिम कहते ही अलादीन का कोई चिराग बाहर आ जाएगा और देश की सभी समस्याओं का निदान कर देगा।
- हिंदी समय में धीरेंद्र अस्थाना की रचनाएँ कहानियाँ उस धूसर सन्नाटे में उस रात की गंध और आदमी रोया औराँग उटाँग किस्सा एक त्रासद फंतासी का खुल जा सिमसिम गुफाएँ जो मारे जाएँगे दुक्खम शरणम गच्छामि नींद के बाहर पिता भूत मेरी फर्नांडिस क्या तुम तक मेरी आवाज पहुँचती है?
- शायद यही वह क्षण था जब मेरे रोम-रोम ने कहा ' खुल जा सिमसिम ' और गुफा में मौजूद जमाने भर की दौलत से चौंधियाई हुई आँखों को मिचमिचाते हुए मैं गुफा में और और गहरे प्रवेश कर रहा था और उस दौलत को दोनों हाथों से बटोरता हुआ थैले पर थैले भरता जा रहा था।