क्षाराभ sentence in Hindi
pronunciation: [ kesaaraabh ]
"क्षाराभ" meaning in English
Examples
- रासायनिक संघटन: इसमें पुनर्नवीन नामक एक किंचित तिक्त क्षाराभ (0.04 प्रतिशत) और पोटेशियम नाइट्रेट (0.52 प्रतिशत) पाए जाते हैं।
- कमल के कंद और बीजों में ग्लुकोज, मेटाबिन, टैनिन, वसा, राल और नेलंबिन नामक क्षाराभ पाया जाता है।
- मुख्य रासायनिक घटक: सदाबहार की पत्तियों एवं जड़ों से 100 से भी अधिक क्षाराभ में (एल्केल्वाएड्स) निष्कर्षित किये गये हैं।
- इस किस्म से ४३२ किलोग्राम सूखी जङें और १५६ किलोग्राम बीज प्रति हेक्टेयर प्राप्त हो जाता है इसकी सूखी जङों में ०. ४१ प्रतिशत क्षाराभ मिलते हैं
- ० प्रतिशत तक क्षाराभ पाए जाते हैं जिनमें रिसरपिन प्रमुख हैं इसका गुण रूक्ष, रस में तिक्त, विपाक में कटु और इसका प्रभाव निद्राजनक होता है।
- इश किस्म से ५२३ किलोग्राम सूखी जङें, १८१ किलोग्राम बीज प्रति हेक्टेयर मिल जाते हैं यह किस्म भी पत्ता धब्बारोधी किस्म है इसकी सूखी जङों से ०.४५ प्रतिशत क्षाराभ प्राप्त हो जाते हैं
- 13वीं सदी की इटली में थिओडोरिक बोर्गोगनेनी ने अफीमयुक्त मादक द्रव्य के साथ ठीक इसी प्रकार के मिश्रण का इस्तेमाल बेहोशी लाने के लिए किया, और क्षाराभ के संयोग से उपचार उन्नीसवीं सदी तक संवेदनहीनता की एकमात्र आधारभूत औषधि के रूप में बरकरार रहा.
- सर्पगंधा को आयुर्वेद में निद्राजनक कहा जाता है इसका प्रमुख तत्व रिसरपिन है, जो पूरे विश्व में एक औषधीय पौधा बन गया है इसकी जड़ से कई तत्व निकाले गए हैं जिनमें क्षाराभ रिसरपिन, सर्पेन्टिन, एजमेलिसिन प्रमुख हैं जिनका उपयोग उच्च रक्त चाप, अनिद्रा, उन्माद, हिस्टीरिया आदि रोगों को रोकने वाली औषधियों के निर्माण किया जाता है इसमें १.
- सर्पगंधा को आयुर्वेद में निद्राजनक कहा जाता है इसका प्रमुख तत्व रिसरपिन है, जो पूरे विश्व में एक औषधीय पौधा बन गया है इसकी जड़ से कई तत्व निकाले गए हैं जिनमें क्षाराभ रिसरपिन, सर्पेन्टिन, एजमेलिसिन प्रमुख हैं जिनका उपयोग उच्च रक्त चाप,अनिद्रा, उन्माद, हिस्टीरिया आदि रोगों को रोकने वाली औषधियों के निर्माण किया जाता है इसमें १.७ से ३.० प्रतिशत तक क्षाराभ पाए जाते हैं जिनमें रिसरपिन प्रमुख हैं इसका गुण रूक्ष, रस में तिक्त, विपाक में कटु और इसका प्रभाव निद्राजनक होता है।
- सर्पगंधा को आयुर्वेद में निद्राजनक कहा जाता है इसका प्रमुख तत्व रिसरपिन है, जो पूरे विश्व में एक औषधीय पौधा बन गया है इसकी जड़ से कई तत्व निकाले गए हैं जिनमें क्षाराभ रिसरपिन, सर्पेन्टिन, एजमेलिसिन प्रमुख हैं जिनका उपयोग उच्च रक्त चाप,अनिद्रा, उन्माद, हिस्टीरिया आदि रोगों को रोकने वाली औषधियों के निर्माण किया जाता है इसमें १.७ से ३.० प्रतिशत तक क्षाराभ पाए जाते हैं जिनमें रिसरपिन प्रमुख हैं इसका गुण रूक्ष, रस में तिक्त, विपाक में कटु और इसका प्रभाव निद्राजनक होता है।