हाल मेँ sentence in Hindi
pronunciation: [ haal men ]
"हाल मेँ" meaning in English
Examples
- बिहार जैसे शैक्षणिक रुप से पिछड़े राज्य मेँ अत्याधुनिक ईवीएम से निकले अप्रत्याशित परिणाम के बाद आम भ्रांतियोँ के निवारण हेतु हर हाल मेँ चतुर्दिक पहल होनी चाहिये ।
- हाल मेँ २०१२ तक इसको बनाये जाने की सँभावना है स्थान का चयन सँभवत यू. के. ग्रेट ब्रिटन, ओस्ट्रेलिया या लँदन हर मेँ मेरीडीयनपर इसके बनने की सँभावना है-देखेँ लिन्क-
- अभी हाल मेँ पेंगुइन इंडिया द्वारा प्रकाशित हमारे नवीनतम कोश The Penguin English-Hindi / Hindi-English Thesaurus and Dictionary द पेंगुइन इंग्लिश-हिंदी / हिंदी-इंग्लिश डिक्शनरी ऐंड थिसारस का मूल्य ज़रूर 3,999 9.00 रु है.
- देर से देरे से आनेवाला देर देरतक आंत में कुछ देर से बाद के आंत में देर से आया हु देरी से देर से आया हु देर से कुछ देर से हाल मेँ देर रात की
- हाल मेँ २ ० १ २ तक इसको बनाये जाने की सँभावना है स्थान का चयन सँभवत यू. के. ग्रेट ब्रिटन, ओस्ट्रेलिया या लँदन हर मेँ मेरीडीयनपर इसके बनने की सँभावना है-देखेँ लिन्क-
- जब बीमार हाल मेँ रिहा किए गए तब गाँव, मेरी दादीजी गँगादेवी से मिलने गये--वहीँ से भगवती बाबू (“ चित्रलेखा ” के प्रेसिध्ध लेखक) के आग्रह से बम्बई आ बसे-वहीँ गुजराती कन्या सुशीला से वरिषठ पँतजी के आग्रह से व आशीर्वाद से पाणि ग्रहण सँस्कार रम्पन्न हुए-बारात मेँ हिँदी साहित्य जगत और
- दो करोड़ रुपए के आख़िरी सवाल पर जमाल अब तक जीते पूरे एक करोड़ दाँव पर लगा देता है … (वह पै सोँ के लिए तो खेल ही नहीँ रहा, बचपन की सहेली लतिका को फिर खोज पाने के लिए खेल रहा है, जीने भर के लिए पैसा तो वह हर हाल मेँ बना ही लेता है) …
- अमेरिका की इस संस्था ने अभी हाल मेँ “ग्लोबल गवर्नेंस 2025” नाम से एक रिपोर्ट प्रस्तुत की है जिसमे कहा गया है कि भारत दुनियाँ की तीसरी सबसे बडी ताकत है और दुनियाँ की 8 फीसदी ताकत केवल भारत के पास है, इस रिपोर्ट मेँ अमेरिका ने खुद को पहले स्थान पर रखा है और चीन को दूसरे स्थान पर रखा गया है.
- अमेरिका की इस संस्था ने अभी हाल मेँ “ ग्लोबल गवर्नेंस 2025 ” नाम से एक रिपोर्ट प्रस्तुत की है जिसमे कहा गया है कि भारत दुनियाँ की तीसरी सबसे बडी ताकत है और दुनियाँ की 8 फीसदी ताकत केवल भारत के पास है, इस रिपोर्ट मेँ अमेरिका ने खुद को पहले स्थान पर रखा है और चीन को दूसरे स्थान पर रखा गया है.
- जब बीमार हाल मेँ रिहा किए गए तब गाँव, मेरी दादीजी गँगादेवी से मिलने गये--जहाँ बँदनवारोँ को सजा कर देशभक्त कवि नरेन्द्र का हर्षोल्ल्लास सहित स्वागत किया गया-वहीँ से श्री भगवती चरण वर्मा जी (“ चित्रलेखा ” के प्रसिद्ध लेखक) के आग्रह से बम्बई आ बसे-वहीँ गुजराती कन्या सुशीला से पँतजी के आग्रह से व आशीर्वाद से पाणि ग्रहण सँस्कार संपन्न हु ए.