हनुमानप्रसाद पोद्दार sentence in Hindi
pronunciation: [ henumaanepresaad podedaar ]
Examples
- महात्मा रामचन्द्र “वीर ' महाराज को उनकी साहित्य, संस्कृति तथा धर्म की सेवा के उपलक्ष्य में 13 दिसम्बर 1998 को कोलकात्ता में बड़ा बाजार लाइब्रेरी की ओर से ”भाई हनुमानप्रसाद पोद्दार राष्ट्र सेवा सम्मान' से अलंकृत किया गया था।
- महात्मा रामचन्द्र “ वीर ' महाराज को उनकी साहित्य, संस्कृति तथा धर्म की सेवा के उपलक्ष्य में 13 दिसम्बर 1998 को कोलकात्ता में बड़ा बाजार लाइब्रेरी की ओर से ” भाई हनुमानप्रसाद पोद्दार राष्ट्र सेवा सम्मान ' से अलंकृत किया गया था।
- उनका सम्पर्क तत्कालीन साहित्यकारों, भक्तों, एवं ईश्वर में आस्था रखने वाले महानुभावों से रहा था इनमें स्वामी अखण्डानन्द सरस्वती मुम्बई, श्री जयदयाल गोयन्दका, भाईजी हनुमानप्रसाद पोद्दार, हजरत दीवानाशाह कपासन, महात्मा भूरीबाई नाथद्वारा, गोस्वामी गोविन्दलाल जी महाराज, नाथू बा लाल मादड़ी व आचार्य तुलसी आदि प्रमुख है।
- गोलवलकर जी (श्री गुरुजी), भाई हनुमानप्रसाद पोद्दार, लाला हरदेवसहाय, महन्त दिग्विजयनाथ जी, सेठ विशनचन्द्र, संत प्रभुदत्त ब्रह्मचारी, स्वामी करपात्री जी जैसी विभूतियॉं महात्मा वीर जी के त्याग-तपस्यामय जीवन तथा गाय और हिन्दुत्व की रक्षा के लिए किए गए संघर्ष के कारण उनके प्रति आदर भावना रखते थे।
- द्गीता.... आगे...279 स्कन्दपुराण गीताप्रेस पृष्ठ 1372 मूल्य $ 16.95विभिन्न विषयों के विस्तृत विवेचन की दृष्टि से पुराणों में सबसे बड़ा पुराण आगे...शिव पुराण हनुमानप्रसाद पोद्दार पृष्ठ 812 मूल्य $ 14.95भगवान शिव की महिमा का वर्णन... आगे...श्रीविष्णुपुराण गीताप्रेस पृष्ठ 533 मूल्य $ 9.95इस श्रीविष्णुपुराण में भगवान् विष्णु की महिमा का वर्णन किया गया है.... आगे...भविष्य पुराण गीताप्रेस पृष्ठ 630 मूल्य $ 9.
- -भाईजी हनुमानप्रसाद पोद्दार (“सिनेमा मनोरंजन या विनाश का साधन” पुस्तक से).......प्रस्तुत पुस्तक लगभग १९६० के आसपास की है, पाठकों को अनुमान लगाना चाहिये कि उस समय के सिनेमा का इतना बुरा असर होता था तो आजके सिनेमा का कितना बुरा असर होता होगा! अवश्य ही यह कहा जा सकता है कि आज किताबें नहीं बेचनी पड़ती क्योंकि घर पर या इन्टरनेट के माध्यम से यह मुफ्तमें देखा जा सकता है।
- मूल्य $ 14. 95श्रीरामचरितमानस-ग्रन्थाकार (हिन्दी टीका सहित) बड़े अक्षरों में आगे...श्रीमद्भगवद्गीता हरिकृष्णदास गोयन्दका पृष्ठ 598 मूल्य $ 9.95प्रस्तुत है श्रीमद्भगवद्गीता.... आगे...279 स्कन्दपुराण गीताप्रेस पृष्ठ 1372 मूल्य $ 16.95विभिन्न विषयों के विस्तृत विवेचन की दृष्टि से पुराणों में सबसे बड़ा पुराण आगे...शिव पुराण हनुमानप्रसाद पोद्दार पृष्ठ 812 मूल्य $ 14.95भगवान शिव की महिमा का वर्णन... आगे...श्रीविष्णुपुराण गीताप्रेस पृष्ठ 533 मूल्य $ 9.95इस श्रीविष्णुपुराण में भगवान् विष्णु की महिमा का वर्णन किया गया है.... आगे...भविष्य पुराण गीताप्रेस पृष्ठ 630 मूल्य $ 9.
- ऐसी अवस्था के लिए श्री हनुमानप्रसाद पोद्दार जी ने बहुत सुन्दर मार्गदर्शन किया है-” ऐसी अवस्था में उचित यह है कि अपनी शुद्ध नीयत के सच्चे विचारों का प्रचार करने वाले उनके (प्रतिकूल भाव रखने वालों के) क्रोध को शांति और सुख के साथ सहन करते हुए उनसे प्रेम करें, उनके क्रोध का बदला क्षमा और सेवा से दें, उनकी गालियों का और मार का बदला परमेश्वर से उनका कल्याण चाहने की प्रार्थना के रूप में दें, वह भी ढोंग या उन्हें चिढ़ाने के लिए नहीं, पर सच्चे हृदय से।