सर सैय्यद अहमद खान sentence in Hindi
pronunciation: [ ser saiyeyd ahemd khaan ]
Examples
- इल्मी व अदबी कारनामेः सर सैय्यद अहमद खान ने 1859 ई. में मुरादाबाद में फारसी मदरसा कायम किया और 1864 ई. में मुरादाबाद में यतीमखाना खोला।
- अल्ताफ हुसैन हाली तो सर सैय्यद अहमद खान (1811-98) के इस्लाम को आधुनिक शिक्षा और ज्ञान विज्ञान के नजदीक लाने के प्रयासों के पूरी तरह से कायल थे और
- इसी कमी को पूरा करने के लिए सर सैय्यद अहमद खान ने कलम उठाई और ऐसी आसान और सरल भाषा की परम्परा स्थापित की, जो रोज़मर्रा की ज़िंदगी में बोली जाती थी।
- इतिहास ने वर्तमान अमुवि कुलपति को भारतीय मुसलमानों की उस ' श्रेणीमें खड़ा कर दिया है जिसमें सर सैय्यद अहमद खान से लेकर डा 0 जाकिर हुसैन और मौलाना अब्दुल कलाम आजाद आते हैं।
- यह भांपकर कि इन चुनावों के जरिए अंग्रेज देश पर अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहते हैं, सर सैय्यद अहमद खान ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर हिन्दू पार्टी का लेबिल चस्पा कर दिया और मु सलमान ों...
- अंग्रेजों के प्रोत्साहन से सर सैय्यद अहमद खान ने हिंदुओं और मुसलमानों के बीच की खाई को और चौड़ा करने के लिए 1875 में अलीगढ़ में एंग्लो ओरिएंटल कॉलेज की स्थापना की, जो कालांतर में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय बना।
- बतौर वक्ता पहुंचे पत्रकार निखिल आनंद गिरि ने जिस तरह लीडरशिप को आईना दिखाया वो काबिले तारीफ़ था उनके मुताबिक एक कोशिश ऐसी हो जैसी कभी सर सैय्यद अहमद खान ने की थी जहाँ कुछ देने का जज्बा था, जहाँ सिर्फ सेवा भाव था...
- मुस्लिम लीडरान और प्रसिद्ध व्यक्तियों में अशराफ़ तबके के अबुल कलाम आज़ाद, सर सैय्यद अहमद खान, मुहम्मद अली जिन्नाह, अल्लामा इकबाल, वगैरह का ज़िक्र तो होना ही है मगर पसमांदा तबके के अब्दुल कैयूम अंसारी, वीर अब्दुल हमीद, मौलाना अतीकुर्रहमान आरवी, आसिम बिहारी का ज़िक्र कहाँ.
- किसी भी मुद्दे पर होने वाले सम्मलेन समस्याओं का निदान तो नहीं कर सकते लेकिन लोगों में जागरूकता लाने का काम ज़रूर कर सकते हैं, इसीलिए ज़रूरी है कि बतौर वक्ता हिस्सा ले रहे विद्वान समस्याओं पर फोकस करें ना कि खोखली भाषणबाज़ी...बरेली सम्मलेन हालांकि समस्याओं पर ही केन्द्रित था....बतौर वक्ता पहुंचे पत्रकार निखिल आनंद गिरि ने जिस तरह लीडरशिप को आईना दिखाया वो काबिले तारीफ़ था उनके मुताबिक एक कोशिश ऐसी हो जैसी कभी सर सैय्यद अहमद खान ने की थी जहाँ कुछ देने का जज्बा था, जहाँ सिर्फ सेवा भाव था...