सराबोर करना sentence in Hindi
pronunciation: [ seraabor kernaa ]
"सराबोर करना" meaning in English
Examples
- भांग-ठंडाई छानना, गुझिया-मिठाई खाना और पिचकारियों से रंग चलाकर एक-दूसरे को रंगों में सराबोर करना आदि इस वसंत के त्योहार की मादकता को चहुंओर फैलाते हैं।
- तभी किसी फूल का नाम याद करना उसके रंग खुशबू से अपने को सराबोर करना और एक संभावना के बीच ना ख़त्म होने वाली भीतर की यात्रा करना.
- यदि ऐसा न होता तो शायद ही दुनिया में कोई दुखी होता क्योंकि कौन से मां-बाप अपने बच्चों के दामन को संसार की हर खुशी से सराबोर करना नहीं चाहते।
- बजट को देखकर महसूस होता है कि चुनावी साल के कारण वित्तमंत्री पुराने मध्यकालीन भेदभावपूर्ण और फूट डालकर राज करने के अंग्रेजयुगीन वातावरण से उच्च शिक्षा को भी सराबोर करना चाहते हैं।
- हम बच्चों का काम होता मेहमानों को पकवान पेश करना और वापस जाते अतिथि को पिचकारी का निशाना बना कर उसे रंगो से सराबोर करना और फिर उछल-उछल कर हँसना और हँसाना।
- होली रंगों का त्योहार है और इस मौके पर एक-दूसरे को रंग-गुलाल से सराबोर करना सबको अच्छा लगता है, लेकिन कई बार जाने-अनजाने में इस्तेमाल किए गए केमिकल युक्त रंग त्वचा पर विपरीत प्रभाव छोड़ जाते हैं।
- फिर जिस देश से अलग होकर पाकिस्तान का अस्तित्व आया था वह लगातार प्रेरित करता है कि एक भूभाग को तो हमने “ इस्लाम (शांति) ” में तब्दील कर दिया अब बचे हुए भूभाग को भी इस्लाम से सराबोर करना है.
- घरवालों के लाख मना करने पर भी मुंडेर पे खड़े होकर रास्ते के आते जाते लोगों और होली की टोलियों को रंग की पिचकारी से सराबोर करना और फिर जब कोई राहगीर नाराज़ हो जाता तोह हाथ जोड़ के कहना “बुरा न मानिये आज तोह होली है”।
- ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ चाहती हूँ सराबोर करना दुपट्टे की कोर तुम्हारी कासनी मुस्कुराहट के छींटो से, टूटते जुमलों में पिरोना ज़िद की लड़ियाँ … स्मृतियों में ही सही जिलाना चाहती हूँ अपने अंतस की नन्ही बच्ची जिसे चाव था धुँध का, धनक का, उजली सीपियों का ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ और फिर गूंज उठता है अनूगूंज सा.... मंदिर के अनहद नाद में.
- इसके पहले कि खुश्क़ हो जाये ये दिन और ख़ामोश, दुबक कर सो जाए रात की मसहरी में … गुज़रना चाहती हूँ तुम्हारी जर्जर आवाज़ के गलियारे से एक बार फिर … वहां, उसकी गूँज के अंतिम छोर पर टंगा होगा अब भी इक बड़ा, पुराना आला जहां थक कर बैठ जाते थे हवा में पैर झुलाए हम दो चाहती हूँ सराबोर करना दुपट्टे की कोर तुम्हारी कासनी मुस्कुराहट के छींटो से, टूटते जुमलों में पिरोना ज़िद की लड़ियाँ…