रोजवुड sentence in Hindi
pronunciation: [ rojevud ]
"रोजवुड" meaning in English
Examples
- इन वनों के प्रमुख वृक्षों में महोगनी, रबड़, ताड़, आबनूस, गटापार्चा, बांस, सिनकोना और रोजवुड हैं।
- इन वनों में मिलने वाले प्रमुख वृक्ष हैं-महोगनी, रोजवुड, ताड़, बांस, रबड़, जंगली आम, आबनूस, आदि।
- पश्चिमी संसार में सर्वाधिक प्रशंसित रोजवुड डालबर्जिया निग्रा (ब्राजीली रोजवुड) है, जो कि अब साइट्स (CITES) द्वारा खतरे में पड़ी जातियों में सूचीबद्ध है।
- इस लकड़ी में तीव्र मीठी गंध आती है, जो वर्षों तक रहती है, जिससे इसका नाम रोजवुड (अंग्रेजी: Rosewood-गुलाब जैसी काष्ठ) सार्थक होता है।
- मैसूर एक प्रमुख हस्तशिल्प कला का केन्द्र है जिसमें अनेक दुकानें बिक्री करती है अविश्वसनीय प्रकार के हाथी दाँत, चंदन, रोजवुड और टीक सागौन की लकड़ी की नक्काशी और फर्नीचर।
- जबकि बेस गिटार की बॉडी, गरदन और पर्दापटल के लिए विभिन्न प्रकार की लकड़ियां काम में लेने के लिए उपयुक्त हैं, बॉडी के लिए एल्डर, गरदन के लिए मैपल और पर्दापटल के लिए रोजवुड सर्वाधिक प्रचलित हैं.
- जबकि बेस गिटार की बॉडी, गरदन और पर्दापटल के लिए विभिन्न प्रकार की लकड़ियां काम में लेने के लिए उपयुक्त हैं, बॉडी के लिए एल्डर, गरदन के लिए मैपल और पर्दापटल के लिए रोजवुड सर्वाधिक प्रचलित हैं.
- पश्चिम बंगाल और असम के बांस और बेंत की वस्तुएं, पूर्वोत्तर राज्यों के वस्त्र, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश से लोहे व अन्य धातु की वस्तुएं, उड़ीसा एवं तमिलनाडु के अनोखे हस्तशिल्प, मध्य प्रदेश, गुजरात, पंजाब और कश्मीर के आकर्षक परिधान और शिल्प, सिक्किम की थंका चित्रकला, मुरादाबाद के पीतल के बर्तन और शो पीस, दक्षिण भारत के रोजवुड और चंदन की लकड़ी के हस्तशिल्प भी यहां प्रदर्शित हैं।
- हस् तशिल् प उद्योग में कर्नाटक में विभिन् न प्रकार की वस् तुएं जेसे चन् दन की लकड़ी पर उत् कृष् ट नक् काशी का काम, रोजवुड पर गहन पच् चीकारी का काम, उत् कृ ष् ट कांस् य, खूबसूरत बीदरी का सामान, लैकर की सामग्री के रंगीन खिलौने, ए थनिक दरियां, बाटिक, स् टोन वाले आभूषण और अगरबतियां पाई जाती है।
- पश्चिम बंगाल और असम के बांस और बेंत की वस्तुएं, पूर्वोत्तर राज्यों के वस्त्र, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश से लोहे व अन्य धातु की वस्तुएं, उड़ीसा एवं तमिलनाडु के अनोखे हस्तशिल्प, मध्य प्रदेश, गुजरात, पंजाब और कश्मीर के आकर्षक परिधान और शिल्प, सिक्किम की थंका चित्रकला, मुरादाबाद के पीतल के बर्तन और शो पीस, दक्षिण भारत के रोजवुड और चंदन की लकड़ी के हस्तशिल्प भी यहां प्रदर्शित थे।