मालविकाग्निमित्रम sentence in Hindi
pronunciation: [ maalevikaaganimiterm ]
Examples
- “ मालविकाग्निमित्रम ' के अनुसार पुष्यमित्र वे शासन काल में उसका पुत्र अग्निमित्र विदिशा में गोप्तु (उपराजा) के रुप में शासन का संचालन करता था।
- मालविकाग्निमित्रम कालिदास की पहली रचना है, जिसमें राजा अग्निमित्र की कहानी है जो अपने निर्वासित सेवक की पुत्री मालविका से प्रेम करने लगता है जब उसकी पत्नी को इसका पता चलता है तब वह मालव
- उनके तीन नाटक-मालविकाग्निमित्रम (मालविका और अग्निमित्र), विक्रमोर्वशीयम (विक्रम और उर्वशी) और अभिज्ञानशाकुंतलम (शकुंतला की पहचान), दो महाकाव्य-रघुवंशमहाकाव्यम् और कुमारसंभवम् तथा दो गीतिकाव्य मेघदूतम् तथा ऋतुसंहार निर्विवाद रूप से उनकी रचनाएँ माने जाते हैं।
- २ साल पहले राजेंद्रन ने अपने निर्देशन में कालिदास के महान नाटक “ मालविकाग्निमित्रम ” को रंगजगत में उतारा था, तब यह नाटक उस साल खेले गए कुछ बेहतरीन नाटकों में से एक माना गया था।
- उनके तीन नाटक-मालविकाग्निमित्रम (मालविका और अग्निमित्र), विक्रमोर्वशीयम (विक्रम और उर्वशी) और अभिज्ञानशाकुंतलम (शकुंतला की पहचान), दो महाकाव्य-रघुवंशमहाकाव्यम् और कुमारसंभवम् तथा दो गीतिकाव्य मेघदूतम् तथा ऋतुसंहार निर्विवाद रूप से उनकी रचनाएँ माने जाते हैं।
- रंगमंच से-कालिदास की मालविकाग्निमित्रम खजुराहो में प्राचीन भारत की समृद्ध संस्कृति और विरासत से रूबरू हो लौटने के तुरंत बाद ही हमारे समृद्ध इतिहास की एक और विरासत से साक्षात्कार का अवसर मिला-भारत की पारंपरिक ' नौटंकी' शैली में महाकवि कालिदास की सांस्कृतिक रचना 'मालविकाग्निमित्रम' की नाट्य प्रस्तुति के रूप में.
- मगध का शासन तंत्र अपने हाथ में लेने के पश्चात् सिन्धु तट पर यवनों को परास्त कर पुष्यमित्र ने अश्वमेध यज्ञ किया, यह बात महाकबि कालिदास ने ' मालविकाग्निमित्रम ' नामक नाटक में किया है, इसकी पुष्टि अयोध्या से प्राप्त एक उत्कीर्ण लेख द्वारा हुई है जिसमे पुष्यमित्र को ' द्विर्श्वमेघ्याजी ' कहा गया है।
- मालविकाग्निमित्रम कालिदास की पहली रचना है, जिसमें राजा अग्निमित्र की कहानी है जो अपने निर्वासित सेवक की पुत्री मालविका से प्रेम करने लगता है जब उसकी पत्नी को इसका पता चलता है तब वह मालविका को कारागार में डाल देती है, परन्तु संयोग से मालविका एक राजकुमारी होती है और उनके प्रेम-संबंध को स्वीकार कर लिया जाता है।
- मालविकाग्निमित्रम् मालविकाग्निमित्रम कालिदास की पहली रचना है, जिसमें राजा अग्निमित्र की कहानी है जो अपने निर्वासित सेवक की पुत्री मालविका से प्रेम करने लगता है जब उसकी पत्नी को इसका पता चलता है तब वह मालविका को कारागार में डाल देती है, परन्तु संयोग से मालविका एक राजकुमारी होती है और उनके प्रेम-संबंध को स्वीकार कर लिया जाता है।
- नाटक चाहे संस्कृत (‘ मृच्छकटिकम ', मुद्राराक्षस, उत्तररामचरितम, मालविकाग्निमित्रम, वेणीसंहार) के हों या हिन्दी मे असगर वजाहत का ‘ जिन लाहौर नई देख्या वो जन्मई ही नई ' या फिर शेक्सपियर के ‘ मिड समर नाइटस ड्रीम ' का अनुवाद कामदेव का अपना, बसंत ऋतु का सपना हो या फिर आदिवासियों की आंतरिक पीड़ा को रेखांकित करता हुआ ‘ हिरमा की अमर कहानी ' या फिर ‘ चरनदास चोर ' जैसा अपार लोकप्रियता प्राप्त करने वाला नाटक, उनके सभी नाटकों में आधुनिक संवेदना दर्शकों को छूती चली जाती है।