ईहामृग sentence in Hindi
pronunciation: [ eaameriga ]
"ईहामृग" meaning in English "ईहामृग" meaning in Hindi
Examples
- ईहामृग के पृष्ठाधार के ताने-बाने को इतिहास के सहारे बुनने क प्रयत्न किया गया है।
- रागात्मक संबंधों के माध्यम से इन विचार-बिंदुओं की लयबद्ध काव्यात्मक प्रस्तुति है ' ईहामृग ' ।
- नाटक में रागात्मक संबंधों के माध्यम से इन विचार बिंदुओं की लय है ' ईहामृग ' ।
- भारतेंदु हरिश्चंद्र के अनुसार ईहामृग में चार अंक, नायक ईश्वर का अवतार और नायिका युद्धादि कार्य संपादित करती है।
- ईहामृग या काल्पनिक पशु-पक्षियों जैसे-तोते की चोंच वाला मगर, मानव मुख वाला मेंढ़क आदि का भी यहाँ अभाव नहीं है।
- नाट्यदर्पणकार रामचंद्र के मत से ईहामृग में नायकों की संख्या १२ होती है ओर चार अंकों के स्थान पर अंक भी हो सकता है।
- ईहामृग के नामकरण के संबंध में अभिनवगुप्त और रामचंद्र का मत है कि नायक अथवा प्रतिनायक इसमें मृग के समान अलभ्य सुंदरी की कामना करता है।
- नाटक-ईहामृग, नेपथ्यराग, भुवनेश्वर-दर-भुवनेश्वर, कन्धे पर बैठा था शाप, श्रृयते न तु दृश्यते, कालीबर्फ, मेघ-प्रश्न, बहती व्यथां सतीसर, हुमा को उड़ जाने दो, अंत हाजिर हो,
- शारदातनय ने “कुसुमशेखर” नामक ईहामृग का उदाहरण देते हुए बताया है कि इस विधा में चार अंक होते हैं, नायकों की संख्या चार, पाँच और कभी कभी छह तक पहुँच जाती है, भयानक और बीभत्स के अतिरिक्त शेष सभी रस पाए जाते हैं।
- मीरा कांत के नाटक ' ईहामृग ', ' भुवनेश्वर दर भुवनेश्वर ', ' हुमा को उड़ जाने दो ', ' अंत हाज़िर हो '' और ' प्रेम संबंधों की कहानियां '' की भूमिकाएं डा. सुषमा भटनागर ने लिखी हैं।