इब्न खल्दून sentence in Hindi
pronunciation: [ iben kheldun ]
Examples
- यह कहा जा सकता है कि पहला समाजशास्त्री 14 वीं सदी का उत्तर अफ्रीकी अरब विद्वान, इब्न खल्दून था, जिसकी मुक़द्दीमा, सामाजिक एकता और सामाजिक संघर्ष के सामाजिक-वैज्ञानिक सिद्धांतों को आगे लाने वाली पहली कृति थी.
- इस प्रकार से यद्यपि इब्न खल्दून ने कोई खास कथन सिंध की विजय संबंधी नहीं दिये परंतु दूसरी सीमाओं की सभ्यताओं का बेदुउन आक्रमण या अरब नियंत्राण से क्या हुआ था का उसका बेबाक मूल्यांकन सुयोग्य था जैसा कि चाचनामा या फुतुहू बुल्दान में था।
- इब्न खल्दून की रचनायें रुचिकर हैं क्योंकि एक समर्पित मुस्लिम और पैगम्बर तथा कुरान की कथाओं के समर्थक की तरह उसके अरब साम्राट घरानों एवं उनके मूल अरब प्रायद्वीप के इस्लामीकृत बेनुइन कबीलों से होने के वर्णन को जो विश्वसनीयता और स्वीकारिता मिली वैसी अन्य इतिहासकार प्राप्त नहीं कर सके।
- आर्थिक, राजनैतिक और सांस्कृतिक प्रणालीयों सहित समाजशास्त्र की उत्पत्ति, पश्चिमी ज्ञान और दर्शन के संयुक्त भण्डार में आद्य-समाजशास्त्रीय है.प्लेटो के समय से ही सामाजिक विश्लेषण किया जाना शुरू हो गया.यह कहा जा सकता है कि पहला समाजशास्त्री 14वीं सदी का उत्तर अफ्रीकी अरब विद्वान, इब्न खल्दून था, जिसकी मुक़द्दीमा, सामाजिक एकता और सामाजिक संघर्ष के सामाजिक-वैज्ञानिक सिद्धांतों को आगे लाने वाली पहली कृति थी.
- आर्थिक, राजनैतिक और सांस्कृतिक प्रणालीयों सहित समाजशास्त्र की उत्पत्ति, पश्चिमी ज्ञान और दर्शन के संयुक्त भण्डार में आद्य-समाजशास्त्रीय है.प्लेटो के समय से ही सामाजिक विश्लेषण किया जाना शुरू हो गया.यह कहा जा सकता है कि पहला समाजशास्त्री 14वीं सदी का उत्तर अफ्रीकी अरब विद्वान, इब्न खल्दून था, जिसकी मुक़द्दीमा, सामाजिक एकता और सामाजिक संघर्ष के सामाजिक-वैज्ञानिक सिद्धांतों को आगे लाने वाली पहली कृति थी.[4][5][6][7][8]
- / यद्यपि अरब सफलताओं में इब्न खल्दून की रचनायें इस्लाम की भूमिका पर जोर देती थीं उन से यह निर्णय करना संभव नहीं है /और जैसा कि अन्य इस्लामी विद्वानों ने प्रयास किया/ कि इस्लाम की सार्वभौमिकता एवं सर्वोपरिता का दावा किया जाये कि वह उन समाजों के जो उनके मत को स्वीकार कर लेते थे, सांस्कृतिक स्तर को उन्नत करने का स्वाभाविक रुख रखता था।
- अरब के श्रेष्ठतम इतिहासकार इब्न खल्दून ने अपनी शानदार किताब ‘ मुकद्दिमाह ' में अरब भावना के महा-पुनर्जागरण को ‘ असाबिया ' कहा है. इसका अर्थ मोटे तौर पर ‘ सामूहिक एकता या संघभाव ' से लगाया जा सकता है-एक चेतना, जो कबीलाई पहचान जैसी परंपरागत वफादारियों से ऊपर होती है और इसी ने वह प्रेरणास्पद ऊर्जा प्रवाहित की, जिसने नखलिस्तान के वासियों और खानाबदोशों को विश्वविजेता बना दिया.