साल-साल meaning in Hindi
pronunciation: [ saal-saal ]
Examples
- सूचना आयोग ने अपनी स्थिति यह बना ली है कि मांगी गई सूचनाएं न देने का फैसला करने वाले अधिकारियों व संस्थानों को साल-साल भर का मौका सूचनाएं न देने के लिए मिल जाता है .
- सूचना आयोग ने अपनी स्थिति यह बना ली है कि मांगी गई सूचनाएं न देने का फैसला करने वाले अधिकारियों व संस्थानों को साल-साल भर का मौका सूचनाएं न देने के लिए मिल जाता है .
- 21 साल की शादी-शुदा आरती को हक दिलाने का झाँसा देकर साल-साल भर अपनी बंद कार में किसने घुमाया ? मजदूरों की बस्तियाँ उजाड़ कर चमकौवा बाजार खोलने की इजाजत ठेकेदारों को किसने दी ? और .......
- एक वक्त ऐसा भी आया जब मेरी और सुनील सत्यम का साल-साल भर बात न होती थी लेकिन फिर सखा भाव हमेशा बना रहा इधर मै अपनी अलग दूनिया में सीखने समझने की धारा से गुजर रहा था।
- सभी बच्चे उसी को पड़ते हैं तभी तो लड़की को जन्म देने वाली बहुओं को घर कीबुढ़यां कुछ ईर्ष्या से कुछ व्यंग से उलाहना देती हैं- ' चरना की बहू को देखो, कुछ हो, साल-साल भर पर एक सोने का अंडा तो देती है.
- हम लोग तो टके के मुलाजिम ठहरे , चार पैसे ऊपर से न कमाएँ तो बाल-बच्चों को कैसे पालें ; तलब है , वह साल-साल भर तक नहीं मिलती , लेकिन यहाँ तो जितने ही ऊँचे ओहदे पर है , उसका पेट भी उतना ही बड़ा है।
- और अब उन्हीं भाई को मैं दोनों पांवों में दो अलग-अलग साइज के लाल जूते पहने देख रहा था- आठ साल गांव में खेती-किसानी करते गुजार देने के बाद , साल-साल भर के अंतर से पैदा हुए चार बच्चों का बाप बन जाने के बाद दिल्ली में एक बार फिर अपनी रोजी-रोटी का सिलसिला शुरू करने का मन बनाते हुए।
- और अब उन्हीं भाई को मैं दोनों पांवों में दो अलग-अलग साइज के लाल जूते पहने देख रहा था- आठ साल गांव में खेती-किसानी करते गुजार देने के बाद , साल-साल भर के अंतर से पैदा हुए चार बच्चों का बाप बन जाने के बाद दिल्ली में एक बार फिर अपनी रोजी-रोटी का सिलसिला शुरू करने का मन बनाते हुए।
- और अब उन्हीं भाई को मैं दोनों पांवों में दो अलग-अलग साइज के लाल जूते पहने देख रहा था- आठ साल गांव में खेती-किसानी करते गुजार देने के बाद , साल-साल भर के अंतर से पैदा हुए चार बच्चों का बाप बन जाने के बाद दिल्ली में एक बार फिर अपनी रोजी-रोटी का सिलसिला शुरू करने का मन बनाते हुए।
- और अब उन्हीं भाई को मैं दोनों पांवों में दो अलग-अलग साइज के लाल जूते पहने देख रहा था- आठ साल गांव में खेती-किसानी करते गुजार देने के बाद , साल-साल भर के अंतर से पैदा हुए चार बच्चों का बाप बन जाने के बाद दिल्ली में एक बार फिर अपनी रोजी-रोटी का सिलसिला शुरू करने का मन बनाते हुए।