शेर-ए-पंजाब meaning in Hindi
pronunciation: [ sher-e-penjaab ]
Examples
- शेर-ए-पंजाब ने अपने युवा खिलाड़ियों के बोझ को कम करते हुए और अपने प्रतिद्वंद्वियों का दबाव झेलते हुए पहले हाफ में ही कड़ी पटखनी दे दी और 2-1 से बढ़त हासिल कर ली।
- पार्क व स्टेडियम की सिर्फ चारदीवारी बनी गांव बडरूखां की नव नियुक्त सरपंच हरबंस कौर ने बताया कि शेर-ए-पंजाब यादगारी पार्क व स्टेडियम की चारदीवारी के लिए 15 लाख रुपए की ग्रांट मिली थी।
- शेर-ए-पंजाब लाला लाजपत राय की उड़ान अंग्रेज भी नहीं रोक पाए , लेकिन हिसार में एयरपोर्ट के विस्तार की घोषणा ने इनके नाम से बन रहे विश्वविद्यालय की उड़ान पर जरूर रोक लगा दी है।
- इस मौके शेर-ए-पंजाब टैक्सी स्टैंड आदमपुर , बीजेडी टैक्सी सर्विस खुर्दपुर, मॉडर्न टैक्सी स्टैंड आदमपुर, चढ़दी कला टैक्सी स्टैंड, विश्वकर्मा टैक्सी स्टैंड, शान-ए-पंजाब टैक्सी स्टैंड डिंगरीया, पंजाब टैक्सी स्टैंड, भारत टैक्सी स्टैंड के प्रधान व मेंबर भी उपस्थित रहे।
- उन्होंने हिन्दू और मुसलमान को बराबर समझा . महाराजा रंजित सिंह को ' शेर-ए-पंजाब ' का खिताब मिला था . महाराजा रणजीत सिंह ' ब्राह्मण-धर्म ' के चहेते थे . उन्होंने दशम ग्रन्थ को प्रमोट किया था .
- उन्होंने हिन्दू और मुसलमान को बराबर समझा . महाराजा रंजित सिंह को ' शेर-ए-पंजाब ' का खिताब मिला था . महाराजा रणजीत सिंह ' ब्राह्मण-धर्म ' के चहेते थे . उन्होंने दशम ग्रन्थ को प्रमोट किया था .
- शेर-ए-पंजाब लाला लाजपत राय : मेरे शरीर पर पड़ी एक-एक चोट ब्रिटिश साम्राज्य के ताबूत की कील बनेगी' यह कथन थे शेर-ए-पंजाब के नाम से मशहूर लाला लाजपत राय के जिन्होंने अपने नेतृत्व से अंग्रेजी शासन के गढ़ों में हमला किया था.
- शेर-ए-पंजाब लाला लाजपत राय : मेरे शरीर पर पड़ी एक-एक चोट ब्रिटिश साम्राज्य के ताबूत की कील बनेगी' यह कथन थे शेर-ए-पंजाब के नाम से मशहूर लाला लाजपत राय के जिन्होंने अपने नेतृत्व से अंग्रेजी शासन के गढ़ों में हमला किया था.
- खांटी संघियों और घोर कम्युनिस्टों से भरे उस माहौल में राजेश जी पहले ऐसे संघी साबित हुए जिसने भयानक तरीके से शाकाहारी और टीटोटलर होने के बावजूद सिर्फ़ हमारे साथ के लिए शेर-ए-पंजाब को अपनी गरिमामय शाकाहारी उपस्थिति से धन्य किया .
- लगभग 175 वर्ष प्राचीन इस मंदिर का निर्माण शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह की बड़ी पुत्रवधू तथा राजा खडग़ सिंह की पत्नी रानी चंद कौर ने करवाया था जो सिखों की उन दिनों स्थापित बारह मिसलों में से एक कन्हैया मिसल से संबंध रखती थी।