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रुँधे गले से meaning in Hindi

pronunciation: [ runedh gal s ]
रुँधे गले से meaning in English

Examples

  1. ” , बस फ़िर क्या था , १ ० मिनिट बाद ही हमें शल्य चिकित्सक ने बताया कि बच्चा हो गया है और जच्चा बच्चा दोनों सकुशल हैं , पिता बनने की खुशी में कब हमारे आँख भर आयीं , पता ही नहीं चला , तभी पापा आ गये तो मैंने रुँधे गले से कहा “ पापा मैं पापा बन गया।
  2. अब ली को गला खंखारने की बहुत ज्यादा जरूरत थी , कैसे भी अपने को संयत करती, रिधू के गले लगी-लगी ही वह दुबारा बहुत ही धीमी और भावभीनी आवाज मे रुँधे गले से कहने लगी,” एक बात और बताऊं रिधू, मुझे पहले से ही पता था कि तुम यही कहोगी, जो तुमने आज और अभी अभी कहा और वही करोगी, जो किया भी।
  3. संवेदनशील छवि जाने कितनी बार आँसुओं से रुँधे गले से कह चुकी थी , ‘‘ तुम कुछ करते क्यों नहीं हो संदीप ? न हो तो पुलिस चौकी में इन पापियों के अत्याचारों की रिपोर्ट लिखा आओ या फिर मुहल्ले के चार भद्रजनों को इकट्ठा करके इन के खिलाफ कोई मुहिम छेड़ो और कुछ नहीं तो अभागी के पीहर का कहीं से अता-पता लगा कर वहाँ खबर ही पहुँचा दो।
  4. तब वही चिकित्सक अपने साथ शल्यकक्ष में ले गयीं और उन चिकित्सक को बोलीं कि “इनका मुहुर्त समय है , और अभी ही शल्यक्रिया करनी है"।”, बस फ़िर क्या था, १० मिनिट बाद ही हमें शल्य चिकित्सक ने बताया कि बच्चा हो गया है और जच्चा बच्चा दोनों सकुशल हैं, पिता बनने की खुशी में कब हमारे आँख भर आयीं, पता ही नहीं चला, तभी पापा आ गये तो मैंने रुँधे गले से कहा “पापा मैं पापा बन गया।”
  5. बालसुलभ सवाल अब क्या जवाब देता क्या कहता रटा रटाया किन्तु सबसे सही जवाब “पूजा वाले दादाजी भगवान के पास चले गए हैं , और बहुत जब्त करने के बाद भी आँसुओं का बाँध टूट गया तो उसने बड़े ही ग़ौर से मुझे देखा और एकबार और पूछा कि पूजा वाले दादाजी को भगवान जी ले गए?मैनें रुँधे गले से कहा ”हाँ” तो मेरी बच्ची एकदम खामोश हो गई और मेरे गले से लग गई और करीब १ घण्टे तक कुछ बोली ही नहीं।
  6. बालसुलभ सवाल अब क्या जवाब देता क्या कहता रटा रटाया किन्तु सबसे सही जवाब “ पूजा वाले दादाजी भगवान के पास चले गए हैं , और बहुत जब्त करने के बाद भी आँसुओं का बाँध टूट गया तो उसने बड़े ही ग़ौर से मुझे देखा और एकबार और पूछा कि पूजा वाले दादाजी को भगवान जी ले गए ? मैनें रुँधे गले से कहा ” हाँ ” तो मेरी बच्ची एकदम खामोश हो गई और मेरे गले से लग गई और करीब १ घण्टे तक कुछ बोली ही नहीं।
  7. दो किलकारीयाँ घर में गूँजने से पहले बीच रास्तें में ही कहीं दफ़न हो गई कोई अनदेखी अनजानी डोर उन्हें खींच ले गई बहना काका काका पुँकारती रही माँ दर्द में कराहती हुई आवाज़ लगाती रही दादी कहती मेरे दो फूल आओ और खिल जाओ दादा रुँधे गले से बोल रहे ओ मेरे राम लक्ष्मण मेरे बुढ़ापे के साथी बन जाओ मैं ना आवाज़ मार सका , ना हाथ ही बढ़ा सका मैं दो दो हाथ लिए भी पत्थर की मूर्ति बना खड़ा बस देखता रहा , बस देखता रहा , बस देखता रहा ....
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