रिजक meaning in Hindi
pronunciation: [ rijek ]
Examples
- रिजक की तंगी के वक़्त की दुआ ( सहिफा इ सज्जडिया २९ )जब रिजक की तंगी हो तोह यह दुआ पढो बिस्मिल्लाह हीर रहमानिर रहीम ऐ अल्लाह तूने रिजक के बारे मैं बेयकीनी से और ज़िन्दगी के बारे मैं तूले अमल से हमारे आज़माइश की है.यहाँ तक की हम उनसे रिजक...
- रिजक की तंगी के वक़्त की दुआ ( सहिफा इ सज्जडिया २९ )जब रिजक की तंगी हो तोह यह दुआ पढो बिस्मिल्लाह हीर रहमानिर रहीम ऐ अल्लाह तूने रिजक के बारे मैं बेयकीनी से और ज़िन्दगी के बारे मैं तूले अमल से हमारे आज़माइश की है.यहाँ तक की हम उनसे रिजक...
- रिजक की तंगी के वक़्त की दुआ ( सहिफा इ सज्जडिया २९ )जब रिजक की तंगी हो तोह यह दुआ पढो बिस्मिल्लाह हीर रहमानिर रहीम ऐ अल्लाह तूने रिजक के बारे मैं बेयकीनी से और ज़िन्दगी के बारे मैं तूले अमल से हमारे आज़माइश की है.यहाँ तक की हम उनसे रिजक...
- रिजक की तंगी के वक़्त की दुआ ( सहिफा इ सज्जडिया २९ )जब रिजक की तंगी हो तोह यह दुआ पढो बिस्मिल्लाह हीर रहमानिर रहीम ऐ अल्लाह तूने रिजक के बारे मैं बेयकीनी से और ज़िन्दगी के बारे मैं तूले अमल से हमारे आज़माइश की है.यहाँ तक की हम उनसे रिजक...
- रिजक की तंगी के वक़्त की दुआ ( सहिफा इ सज्जडिया २९ )जब रिजक की तंगी हो तोह यह दुआ पढो बिस्मिल्लाह हीर रहमानिर रहीम ऐ अल्लाह तूने रिजक के बारे मैं बेयकीनी से और ज़िन्दगी के बारे मैं तूले अमल से हमारे आज़माइश की है.यहाँ तक की हम उनसे रिजक
- रिजक की तंगी के वक़्त की दुआ ( सहिफा इ सज्जडिया २९ )जब रिजक की तंगी हो तोह यह दुआ पढो बिस्मिल्लाह हीर रहमानिर रहीम ऐ अल्लाह तूने रिजक के बारे मैं बेयकीनी से और ज़िन्दगी के बारे मैं तूले अमल से हमारे आज़माइश की है.यहाँ तक की हम उनसे रिजक
- रिजक की तंगी के वक़्त की दुआ ( सहिफा इ सज्जडिया २९ )जब रिजक की तंगी हो तोह यह दुआ पढो बिस्मिल्लाह हीर रहमानिर रहीम ऐ अल्लाह तूने रिजक के बारे मैं बेयकीनी से और ज़िन्दगी के बारे मैं तूले अमल से हमारे आज़माइश की है.यहाँ तक की हम उनसे रिजक
- रिजक की तंगी के वक़्त की दुआ ( सहिफा इ सज्जडिया २९ )जब रिजक की तंगी हो तोह यह दुआ पढो बिस्मिल्लाह हीर रहमानिर रहीम ऐ अल्लाह तूने रिजक के बारे मैं बेयकीनी से और ज़िन्दगी के बारे मैं तूले अमल से हमारे आज़माइश की है.यहाँ तक की हम उनसे रिजक
- सोचें कि एक शख्स रोज़ी कि तलाश में घर से निकला है , उसके छोटे छोटे बाल बच्चे और बूढे माँ बाप उसके हाथ में लटकती रिजक ( भोज्य सामग्री ) की पोटली का इन्तेज़ार कर रहे हैं और इसको मुहम्मद के दीवाने जहाँ पाते हैं उसे क़त्ल कर देते हैं ?
- सो यह सब सबब बनियों के जादू का है , क्योंकि रिजक खाने से तो अकल ठिकाने आवें , सो अकल को तो यह बनिये जादू से फेर देते हैं और ईश्वर किसी की अकल को नहीं फेरता है क्योंकि उसके धर में तो सिंह और बकरी शामिल चरी है , ऐसा संप और इरादा है।