×

राध meaning in Hindi

pronunciation: [ raadh ]
राध meaning in English

Examples

  1. यहा भाजपा व कोंग्रेस दोनो से उम्मेदवार बुराडी से त्यागी परिवारों से है ओर त्यागी वोट दोंनो में बंट जाएगा ओर कालोंयों के लोग अब निर्दलीय उम्मीदवार राध पंवार का समर्थन समर्थन कर सकते है यहा भी कोंग्रेस व भाजपा कि हार नजर आ रही है . .
  2. परन्तु जो कि यह सौदागर लोग दरियावों के उपर गुप्ती पाप करा रहे है कि जिसको दुनिया अपने मुँह से स्वर्ग नर्क बोलती है , कि जहाँ चौरासी लाख कुणमडियाँ बनाई है और संसार में भी यह बात सकहते हैं कि वहाँ पर राध लहू की कुण्डियाँ हैं।
  3. गुरूवार की रात अज्ञात चोर रामबाग एत्माद्उद्दौला मार्ग पर राध कृष्ण मंदिर के पास रिंकू पुत्र नत्थीलाल निवासी सीतानगर की बाबा कम्यूनिकेशन के नाम से मोबाइल शॉप की दुकान है रिंकू रात को रोजाना की तरह दुकान बंद आगे पढे चौथ न देने पर दबगं छात्रो ने पीटारूनकता।
  4. सो ' जबकि करोड़ों जीव मारते हैं जब एक बाल खण्डत होता है ' और जो कि तुम संसार के लोग सुनते हो और कहते हो कि स्वर्ग-नर्क में चरासी लाख कुण्डियाँ राध लहू की है , सो वहाँ पर चौरासी लाख जीवाजून संसार को भुगतनी पड़ती है ;
  5. सो देखो भाई , जो किताबों में आगम लिखी हुई है सो उन लिखी हुई आगमों से तो कुछ नहीं होता, परन्तु यह बनिये दरियाओं पार कि जहाँ चौरासी लाख कुणिडियाँ राध लहू की बनाई है और तमाम जहान के लोग उसको स्वर्ग-नर्क कहते हैं, कि वहाँ पे स्वर्ग है;
  6. वैदिक और पौराणिक साहित्य में , राधा और इस धातु के अन्य रूप > राध का अर्थ है ' पूर्णता ' , ' सफलता ' और ' संपदा ' भी . [ कृपया उद्धरण जोड़ें ] सफलता के देवता , इंद्र को राधास्पति के रूप में संदर्भित किया गया था .
  7. और उसी तरह से अब संसार के लोग इ बियों के जाल को मिटाओ तो सब संसार की औलाद बचे और यह जो दुनिया कहती हैं कि चौरासी लाख कुण्डियाँ राध लहू की हैं और स्वर्ग-नर्क की है सो वोह रावण के मुवाफिक इन बनियों के घर का गुप्ती पाप हैं।
  8. और उसी तरह से अब संसार के लोग इ बियों के जाल को मिटाओ तो सब संसार की औलाद बचे और यह जो दुनिया कहती हैं कि चौरासी लाख कुण्डियाँ राध लहू की हैं और स्वर्ग-नर्क की है सो वोह रावण के मुवाफिक इन बनियों के घर का गुप्ती पाप हैं।
  9. और जो कि तुम संसार के लोग स्वर्ग-नर्क कहते हो और राध लहू की कुण्डियां बताते हो सो वोह पाप तो दरियाओं के उपर अपनी जात के आदमियों से कहीं अलोप कराते हैं , सो इन्हों के पाप का भेद सिवाय बनियों की जात के और किसी जात को मालूम नहीं है।
  10. सो देखो भाई , जो किताबों में आगम लिखी हुई है सो उन लिखी हुई आगमों से तो कुछ नहीं होता , परन्तु यह बनिये दरियाओं पार कि जहाँ चौरासी लाख कुणिडियाँ राध लहू की बनाई है और तमाम जहान के लोग उसको स्वर्ग-नर्क कहते हैं , कि वहाँ पे स्वर्ग है ;
More:   Prev  Next


PC Version
हिंदी संस्करण


Copyright © 2023 WordTech Co.