फोड़ देना meaning in Hindi
pronunciation: [ fod daa ]
Examples
- और शोएब अपनी बच्चों जैसी स्माइल के साथ जवाब देता , नहीं महाराज फोड़ देना है साले को (इस फोड़ देने का मतलब किसी को नहीं पता, शोएब को भी नहीं) कॉलेज मे सबके एक फेवरेट प्रोफ़ेसर हुआ करते थे, मिस्टर बघेल.
- लोगो ने कहा , देखो हम तो पहले ही कहते थे, यही है सब बातों की दोषी, वरना अब तक इसका पति इसे क्यों मारता? अब इससे बड़ा और क्या प्रमाण चाहिए? किसी का सर फोड़ देना क्या न्याय-संगत कहा जा सकता है? कुलटा कहीं की.
- इन गलत बातों में मारपीट , आधी रात को घर से बाहर निकाल देना , सर फोड़ देना , प्रेगनेंसी के दौरान पेट पर मारना , भूखा रखना , कमरे में बंद करके रखना आदि शामिल था . दरअसल , पति मूलत : चरित्रहीन है .
- वैसे हम लोग बचपन से ( गाँव मे ) भी ऐसा ही कुछ सुनते आ रहे है कि अगर सांप को मारो तो उसकी आँख को जरुर फोड़ देना चाहिऐ नही तो मारने वाले की तस्वीर सांप की आँख मे रह जाती है और फिर सांप बदला लेने जरुर आता है।
- वैसे हम लोग बचपन से ( गाँव मे ) भी ऐसा ही कुछ सुनते आ रहे है कि अगर सांप को मारो तो उसकी आँख को जरुर फोड़ देना चाहिऐ नही तो मारने वाले की तस्वीर सांप की आँख मे रह जाती है और फिर सांप बदला लेने जरुर आता है।
- मैं घर के सारे चमचमाते बल्ब अब फोड़ देना चाहता हूँ हालाँकि वो जरूरी हैं पर उनसे भी जरूरी चीजें थीं जीवन में नहीं रहीं रास्तों पर पुरानी रोशनी चाहता हूँ जिसे हम बिना बिजली के सम्भव कर लेते थे पर ये भावुक विद्रोह है विचारहीनता इसे भटका सकती है
- वैसे हम लोग बचपन से ( गाँव मे ) भी ऐसा ही कुछ सुनते आ रहे है कि अगर सांप को मारो तो उसकी आँख को जरुर फोड़ देना चाहिऐ नही तो मारने वाले की तस्वीर सांप की आँख मे रह जाती है और फिर सांप बदला लेने जरुर आता है।
- बाबा बोले “कद्दू को मटके में ही रहने दो , मटके को आग पर रख पर पकाना शुरू करो, थोडा पानी डाल देना मटके में जब पानी मर्म हो जाये तो कद्दू को लकडी से मार के फोड़ देना और फिर नमक -मसाला डाल के पका देना , सब्जी बन जायेगी ”.
- जो बारहवीं के छात्र थे , उनके पास खुदा के करम से करने को और भी ज़रूरी काम थे जिनमें फिल्मों के बाद सबसे ज़रूरी काम था उन लड़कियों के पीछे एक दूसरे का मुंह फोड़ देना जिसे पता भी नहीं हो कि वह ‘ एप्पल ऑफ डिस्कॉर्ड ' बन चुकी है।
- थोड़ी खीर कटोरी में डाल के और नारियल लेकर के घूमना और मन में “ लक्ष्मी- नारायण ” जप करना और खीर ऐसी जगह रखना जहाँ किसी का पैर ना पड़े और गायें , कौए आदि खा जाएँ और नारियल अपने घर के मुख्य द्वार पर फोड़ देना और इसकी प्रसादी बाँटना ।