प्रमेह रोग meaning in Hindi
pronunciation: [ permeh roga ]
Examples
- नई दिल्ली , 09 / नवम्बर / 2013 ( ITNN ) > > > > बोलचाल की भाषा में डायबीटीज ( रक्तगत शर्करा का सामान्य स्तर से बढ़ जाना ) के नाम से प्रचलित रोग भी आयुर्वेद संहिताओं में प्रमेह रोग के अंतर्गत वातिकप्रमेह में वर्णित है।
- पके हुए फालसों को खाने से या उनका शर्बत बनाकर पीने से स्वप्नदोष , प्रमेह रोग , सुजाक रोग , पित्त के कारण उत्पन्न हुए रोग , जलन , चक्कर आना तथा स्त्री-पुरुषों की पेशाब की नली की जलन के रोग आदि समाप्त हो जाते हैं। .................
- पके हुए फालसों को खाने से या उनका शर्बत बनाकर पीने से स्वप्नदोष , प्रमेह रोग , सुजाक रोग , पित्त के कारण उत्पन्न हुए रोग , जलन , चक्कर आना तथा स्त्री-पुरुषों की पेशाब की नली की जलन के रोग आदि समाप्त हो जाते हैं। .................
- की दवा , सर्ववात तैल, अतिसार की दवा, बालक के ज्वर की दवा, सन्निपात, आम अतिसार, पेट फूलना, हिचकी, कृमि रोग, विजय भैरवरस, चिंतामणि रस, विषम ज्वर बूटी, दंत का मंजन, छोटा मंजन, सफेद कोढ़ बूटी, कान की पीड़ा, कान की पीब, शिर लेप, प्रमेह रोग, सुजाक, खांसी, पुष्टिकारक बूटी, सिर का लेप, शिर पीड़ा, उदर रोग, नामर्दी बूटी, बहुमूत्र बूटी, उपदंश बूटी,