पुरीष meaning in Hindi
pronunciation: [ puris ]
Examples
- इस प्रकार रंजक पित्त के द्वारा रस , मूत्र , पुरीष , त्वचा , केश और नेत्रों को वर्ण प्रतीत होता है ।।
- इस प्रकार रंजक पित्त के द्वारा रस , मूत्र , पुरीष , त्वचा , केश और नेत्रों को वर्ण प्रतीत होता है ।।
- आहार के परिपाक के परिणामस्वरूप जो कीट भाग निमित्त होता है , वह दो भागों में विभक्त हो जाता है- मूत्र और पुरीष ।।
- आहार का किट्टांश जो प्रथम दण्डुक में आता है उसे यह कला पुरीष मूत्र और वायु के रूप में विभक्त कर देती है ।।
- पुरीष का क्षय होने पर अन्त्र हृदय और पार्श्व में पीड़ा ध्वनि गड़गड़ाहट के साथ वायु का ऊपर- नीचे निर्गमन आहमान आदि होते हैं ।।
- पक्वाशय में स्थित पुरीष यद्यपि मल रूप होता है और निस्सार होने के कारण उसका अधिकांश भाग शरीर के बाहर निकाल दिया जाता है ।
- ( १) जांगम (ऐनिमल ड्रग्स), जो विभिन्न प्राणियों के शरीर से प्राप्त होते हैं, जैसे मधु, दूध, दही, घी, मक्खन, मठ्ठा, पित्त, वसा, मज्जा, रक्त, मांस, पुरीष,
- अर्थात् पक्वाशय और आमाशय के मध्य में स्थित चार प्रकार के अन्नप्राशन का पाचन करता है , और दोष रस मूत्र पुरीष का विवेचना करता है ।।
- सः तु व्यानेन विक्षिप्तः सर्वान् धातूना प्रतपर्येत् ॥ अर्थात् पुरीष और मूत्र ये दोनों आहार के मल हैं और आहार का सार भाग रस कहलाता है ।
- ३ . पुरीष- भुक्त आहार का आमाशय , पच्यमानाशय और पक्वाशय में त्रिविध पाक होने के परिणाम स्वरूप जो निःसार भाग मलद्वार से बाहर निकलता है वह पुरीष कहलाता है ।।