पुंस meaning in Hindi
pronunciation: [ punes ]
Examples
- पुरालोकनमस्कृत इतिहासग्रंथ महाभारत लिखते समय जिस प्रकार व्यासवाणी को समझ बूझकर लिखने में कुछ क्षण विरमना पड़ता था , उसी भाँति श्री सूर कृत दृष्टिकूट कीर्तनरचना में गाई गई “एतेचांश कला पुंस: कृष्णस्तुभगवान्स्वयं' (श्रीमद्भागवत १।३।२८) की संयोगवियोगात्मक भाँति भाँति की लोकपावन लीलाआें के रसमय गूढ़ रहस्यों को समझने में कुछ जूझना पड़ता है, इस दृष्टकूट रचनाशैली को हिंदी साहित्य में गो.
- परन्तु , यह कहने वाले यह क्यों नहीं सोच पाते कि ‘ लिंग-सामान्यता ' या ‘ लिंग-निरपेक्षता ' का कार्य क्या स्त्रीलिंग नहीं कर सकता ? फिर , संस्कृत में भी पुलिंग व स्त्रीलिंग से इतर , जो लिंग कल्पित किया गया , वह ‘ न पुंस ' ( यानी जो पुरुष न हो ) के रूप में क्यों कल्पित हुआ ? पुरुष लिंग का अभाव बतलाते , उसे नकारते जो लिंग कल्पित किया गया ( ‘ नपुंसक लिंग ' ) , वह एक प्रकार से पुरुष लिंग को महत्व प्रदान कर ही रहा है।