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पश meaning in Hindi

pronunciation: [ pesh ]
पश meaning in English

Examples

  1. आज भाजपा , जो इस संधी को शुरू करने वाले थी वो इसके विरोध में है क्यो की उसको वोटो के राजनीति में पिछड़ने का डार लगा हुआ है,पर शायद वो न जानते की आम भारटीए बी इस संधी के पास हो जाने के पश में है.
  2. परन्तु खनन सचिव के खौफ को एक कौने में डालकर बल्ले-बल्ले पर मौज मस्ती करने में माहिर पूरे जिले में अबैध खनन , अबैध पिटपास का भरपूर उपयोग खनन अधिकारी की शह पर करवाया जाना शिवराज सरकार की व्यवस्थाओं पर पश > चिन्ह अंकित करता है।
  3. पश ? ओं के साथ मानव पर भी हमले करने श?रू कर दिये , जब कि हम सब अच?छी तरह से जानते हैं कि कोई भी जंगली जानवर जब तक शिकार करने में समर?थ होता है या जब तक उसको अपना भोजन मिलता रहता है , मानव जाति पर हमला कभी नहीं करता है।
  4. तेरे आसुयें तेरे द्वारे घायल निर्दोषी तेरे गुस्सा तेरी धुल भरी दुपहरी तेरे मीठी बोली तेरे आंच - पके फल तेरे आंचल की आड़ तेरे पेडो की छाव तेरे पूजा की थाली तेरे पत्तो से हुआ आशीर्वाद तेरा नम हाथ तेरे बरसात में नम हर प्राणी तेरा झूलन तेरा झोके - दार पश . ..
  5. तेरे आसुयें तेरे द्वारे घायल निर्दोषी तेरे गुस्सा तेरी धुल भरी दुपहरी तेरे मीठी बोली तेरे आंच - पके फल तेरे आंचल की आड़ तेरे पेडो की छाव तेरे पूजा की थाली तेरे पत्तो से हुआ आशीर्वाद तेरा नम हाथ तेरे बरसात में नम हर प्राणी तेरा झूलन तेरा झोके - दार पश
  6. वह दर हटा और बोलाः ू “ 4 या बात है ? तुम इतनी सु = दर और कोमल हो Íफर भी तु¹हारे शर | र के 1 पश से मुझे जलन होने लगी ? ” पHीः ” नाथ ! मने बा ~ यकाल म दवा सा ऋÍष से ु गु³मं³ िलया था।
  7. इस बिन्दू के तहत अभियुक्तगण का तर्क हैं कि चूंकि सबसे प्रमुख गवाह भोमा को साक्ष्य मे पश ही नही किया गया है , इसलिये सिर्फ विशेषज्ञ की साक्ष्य के आधार पर यह प्रमाणित नहीं माना जा सकता कि दोनों किश्तो के आवेदन पर व दोनों चैके के भुगतान उठाने में भोमा के अंगठे नहीं है।
  8. भगवान हिरण्यगर्भ इन्द्र प्रजापति मरुद्गण वसु रुद्र सूर्य तारे ग्रह गन्धर्व यक्ष और दैत्य आदि समस्त देव योनियां मनुष्य पश पर्वत समुद्र नदी वृक्ष सम्पूर्ण भूत तथा प्रधान से लेकर विशेष पर्यन्त उन भूतों के कारण तथा चेतन अचेतन एक पैर दो पैर और अनेक पैर वाले जीव तथा बिना पैर वाले प्राणी ये सब भगवान विष्णु के त्रिविध भावनात्मक मूर्तरूप है।
  9. इस प्रकरण में अनुसन्धानकर्ता अर्जुनसिंह ने अपनी साक्ष्य में यह बताया हैं कि परिवादी द्वारा दिनांक 18 . 12.2001 को प्रदर्श पी. 29 रिपोर्ट पेश करने पर उसने करणसिंह के साथ रिश्वत की मांग के सत्यापन के लिये टेप देकर भेजा तथा उन दोनों ने वापस आकर टेप पश किया तथा बताया कि खजानसिंह ने कल सुबह दस बजे के आस पास रूपये लेकर आने को कहा है।
  10. उपचार व रोकथाम : - यदि समय पर पशु का इलाज कराया जाये तो पहु को इस बीमारी से बचाया जा सकता हैं| इसमें बिरेनिल के टीके पश के भर के अनुसार मांस में दिए जाते हैं तथा खून बढाने वाली दवाओं का प्रयोग कियस जाता हैं| इस बीमारी से पशुओं को बचाने के लिए उन्हें चिचडियों के प्त्कोप से बचना जरूरी है क्योंकि ये रोग चिचडियों के द्वारा ही पशुओं में फैलता है|
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