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न्यायदर्शन meaning in Hindi

pronunciation: [ neyaayedreshen ]
न्यायदर्शन meaning in English

Examples

  1. मनुस्मृति में इस त्रसरेणु का लक्षण किया गया है , जो न्यायदर्शन के अनुकूल है-
  2. न्यायदर्शन में प्रत्यक्ष , अनुमान , उपमान और शब्द - ये चार प्रमाण माने गए हैं।
  3. समस्त दार्शनिक , धार्मिक तथा व्यावहारिक ऊहापोह का नियमन न्यायदर्शन के सिद्धान्तों के द्वारा ही होता है।
  4. वात्स्यायन ने न्यायदर्शन प्रथम सूत्र के भाष्य में “प्रमाणैरर्थपरीक्षणं न्याय” कह कर यही भाव व्यक्त किया है।
  5. प्राचीन ग्रन्थ शास्त्रों में किन्हीं-किन्हीं स्थानों में गौतम तथा कहीं-कहीं अक्षपाद को न्यायदर्शन का रचयिता कहा गया है।
  6. प्राचीन ग्रन्थ शास्त्रों में किन्हीं-किन्हीं स्थानों में गौतम तथा कहीं-कहीं अक्षपाद को न्यायदर्शन का रचयिता कहा गया है।
  7. प्राचीन ग्रन्थ शास्त्रों में किन्हीं-किन्हीं स्थानों में गौतम तथा कहीं-कहीं अक्षपाद को न्यायदर्शन का रचयिता कहा गया है।
  8. बाहरवीं शताब्दी के बाद तो , तथाकथित नव्यन्याय के प्रवर्तन के बाद, न्यायदर्शन पूर्णतया प्रमाण मीमांसा में समाहित हो गया।
  9. इसलिए न्यायदर्शन में इनका पृथक् विचार नहीं है , किंतु वैशेषिक दर्शन में तो मुख्य रूप से इनका विचार है।
  10. बाहरवीं शताब्दी के बाद तो , तथाकथित नव्यन्याय के प्रवर्तन के बाद, न्यायदर्शन पूर्णतया प्रमाण मीमांसा में समाहित हो गया।
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