धर्म-युद्ध meaning in Hindi
pronunciation: [ dherm-yudedh ]
Examples
- फिर ग्यारहवीं सदी से पन्द्रहवीं सदी के बीच योरोपीय ईसाईयों ( फ़्रैंक्स या फ़िरंगियों ) ने धर्म-युद्ध के नाम पर इस देश पर लगातार क़ब्ज़े लिए क्रूसेड्स लिए और हज़ारों लोगों का खून बहाया जिनमें यहूदी प्रमुख थे।
- बादल ने जब तब ' धर्म-युद्ध ' छेड़े हैं , मायावती दलितों से आगे किसी को नहीं देखतीं , मुलायम को सिर्फ मुसलमानों से मतलब न होता तो न रथयात्रा रूकती , न हिंसा होती उत्तर प्रदेश में।
- बादल ने जब तब ' धर्म-युद्ध ' छेड़े हैं , मायावती दलितों से आगे किसी को नहीं देखतीं , मुलायम को सिर्फ मुसलमानों से मतलब न होता तो न रथयात्रा रूकती , न हिंसा होती उत्तर प्रदेश में।
- वह पूछते थे “क्या यह प्रान्त इसके वासियों की सच्ची जन्मभूमि थी ? ”[1] यहां तक कि केंद्रीय रूप से संगठित फ्रांस, जो एक प्रारंभिक राष्ट्र राज्य था, दबाव में स्वायत्त प्रांतीय टुकड़ों में टूट सकता था, जैसा कि अनवरत फ्रांसीसी धर्म-युद्ध (1562-98) में हुआ.
- युग बदल गया वह द्वापर था यह कलियुग है वह धर्म-युद्ध था यह अर्थ-युद्ध है वह अठारह दिनों का नवजात शिशु और यह जीवन की पहली श्वांस से लेकर आखिरी श्वांस तक यानिकी पूरे सौ साल तक हर रोज चलने वाला बहुमुखी युद्ध है ।
- श्री राकेश जी नें कहा ही है- ” जिससे ' आसुरी ' दुर्गुणों का प्रक्षालन होकर ' दैवीय ' सद्गुणों का विकास हों पा ए.भ ारतीय संस्कृति में ‘ धर्म-युद्ध ' शब्द है ही नहीं , यह ‘ जेहाद ' की प्रतिक्रिया स्वरूप गढा गया शब्द है।
- हज़रत अली ने उत्तर दिया कि ईमान चार स्तंभों पर टिका हुआ है सब्र [ धैर्य ] , यक़ीन [ विश्वास ] , अद्ल [ न्याय ] और जिहाद [ धर्म-युद्ध ] ।उसके बाद उन्होंने उन चारो स्तंभों के दस-दस मुक़ामात [ पड़ाव ] का विवेचन किया।
- नक्कारखाने में तूती की आवाज़ कोई नहीं सुनता ! उठो,अपनी आवाज़ बुलंद करो-एक लम्बी लडाई के लिएकमर कसो,पंख खोलो ,बल को तौलोजो मांगो, लो-बोलो तो !इस धर्म-युद्ध में,महासमर मेंविचार-शस्त्र के जितने पिटारे बंद पड़े हैंसबको खोलो;अधिकारों और प्राप्तव्य के नाम पररेवारियां बाँट रहेइस तंत्र की आँखें खोलो-करो सिंहनाद -समवेत स्वर में !!
- इस ग्रंथ में गुरु जी ने लगभग 150 प्रकार के वार्णिक और मात्रिक छंदों में भारतीय धर्म के ऐतिहासिक और प्रागैतिहासिक पात्रों के जीवन-वृत्तों की जहाँ एक ओर पुनर्रचना की है , वहीं देवी चंडी के प्रसंगों एवं चैबीस अवतारों के माध्यम से लोगों में धर्म-युद्ध का उत्साह भी भरा है।
- वह पूछते थे “ क्या यह प्रान्त इसके वासियों की सच्ची जन्मभूमि थी ? ” [ 1 ] यहां तक कि केंद्रीय रूप से संगठित फ्रांस , जो एक प्रारंभिक राष्ट्र राज्य था , दबाव में स्वायत्त प्रांतीय टुकड़ों में टूट सकता था , जैसा कि अनवरत फ्रांसीसी धर्म-युद्ध ( 1562 - 98 ) में हु आ.