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धन लोलुप meaning in Hindi

pronunciation: [ dhen lolup ]
धन लोलुप meaning in English

Examples

  1. ईसा की 18वीं सदी तक यह देश संसार भर के यात्रियों के लिए एक अपूर्व चमत्कार की जगह , कवियों के लिए उनकी उच्चतम कल्पनाओं का एक विषय और धन लोलुप जातियों के लिए उनकी लालसा का मुख्य केन्द्र बना हुआ था।
  2. उसे पहले तो विश्वास ही नहीं हुआ कि पीटर इतना स्वार्थी कैसे बन गया ? वह पीटर को धन लोलुप तो मानती थी , लेकिन वह अपने स्वार्थ को ही श्रेय और श्रेष्ठ मानने की भूल भी करेगा , उसे यकीन न था।
  3. एक महिला को इस तरह के कितने चक्रों से गुजारा जाय ताकि उसके स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव न पड़े , यह धन लोलुप डॉक्टरों द्वारा तय किया जाता है जो ज्यादातर मामलों में उनके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव की अनदेखी करते हैं।
  4. धन लोलुप को कब दिखते हैं कन्या के गुण , कुलशील , प्रकृति हर चीज तौलना पैसे से , वह फैलाता है घोर विकृति क्वांरी कन्या की मूक हूक जिनको न सुनाई देती है लाचार पिता की मजबूरी जिनको न दिखाई देती है .
  5. आज अगर मानवीय भावनाओं से कटे हुए धन लोलुप इंसानों को कालाबाजारी करने का अवसर मिला है तो इसकी पूरी जवाबदेही प्रशासन की बनती है जिसकों पानी की बोतलों , खाद्य पदार्थों , माचिस , मोमबत्ती जैसे जरूरी सामानों का संग्रहण और वितरण अपने नियंत्रण में करना चाहिए था।
  6. पूरे पूरे दलित और पिछड़े चिन्तक परेशान है उक्त निक्कम्मे तथाकथित गुंडे नुमा छुटभैया नासमझ नेता नुमा लफंगों से , यह पूरे दलित और पिछड़े चिंतकों की ही जिम्मेदारी बनती है की इन धन लोलुप उपर्युक्त प्रकार के नेताओं का समाज बहिष्कार करे , यद्यपि यह काम बहुत मुश्किल है .
  7. लेकिन कुछ पारिवारिक परिस्तिथितियोँ और आज के कुछ भ्रष्ट एवम धन लोलुप पत्रकारों के आचार विचारों के कारण ये हो न सका ! आज कंप्यूटर के युग में अपने मन की पीड़ा/विचार / भावना व्यक्त करने का एक शशक्त माध्यम, ब्लॉग, ज्वाइन करने का विचार मेरे मित्र शिवम् मिश्र ने दिया ।
  8. तीन दिनों तक कम्प्यूटर में खराबी के बाद आज पुन; आप के बीच में उपस्थित हूँ |इस सर्ग की इस अन्तिम रचना में कुछ ' अमीर जादों' के धन से खरीदे गये धन लोलुप 'सौंदर्य' द्वारा देह व्यापार तथा हॉट म्यूजिक के नाम पर 'यौन अनावरण' की और ध्यान केंद्रित किया गया है |(सारे चित्...
  9. लेकिन कुछ पारिवारिक परिस्तिथितियोँ और आज के कुछ भ्रष्ट एवम धन लोलुप पत्रकारों के आचार विचारों के कारण ये हो न सका ! आज कंप्यूटर के युग में अपने मन की पीड़ा / विचार / भावना व्यक्त करने का एक शशक्त माध्यम , ब्लॉग , ज्वाइन करने का विचार मेरे मित्र शिवम् मिश्र ने दिया ।
  10. क्योंकि वर्तमान के हिरण्यआक्षों ( जिनकी आंखे सोने के सिक्कों पर लगी हो , यह उपमा शायद धन लोलुप उद्योगपतियों पर अधिक जचती है ) ने अपने लोभ में आकर पृथ्वी के पर्यावरण को इतना बिगाड़ दिया है कि शायद आने वाले समय में वराह ( भगवान विष्णु के अवतार ) भी पृथ्वी का उद्धार नहीं कर पायेंगे।
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