ढुल-मुल meaning in Hindi
pronunciation: [ dhul-mul ]
Examples
- विघटनकारियों की ऐसी करतूतों को मीडिया का एक वर्ग भले ही नज़रंदाज करता आ रहा हो लेकिन जो भारतीय भी ऐसे मामले देखते आ रहे हैं उनकी नज़र में भारत सरकार की कश्मीर पर ढुल-मुल नीति का पर्दाफाश जरूर होता है।
- पार्टी प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने कहा कि संप्रग सरकार पृथक तेलंगाना राज्य के गठन के प्रक्रिया शुरू होने की घोषणा करने के तुरंत बाद उससे पीछे हट गई और उसके इस ढुल-मुल रुख के कारण ही आज यह समस्या इतनी उलझ गई है।
- इन औद्योगिक इकाइयों में विद्युत उत्पादन और स्टील कारखानों की बड़ी तादाद थी जिनके खुलने से राज्य का चौतरफा विकास हो सकता था लेकिन नौकरशाही के ढुल-मुल रवैए और राजनीतिक गतिरोध के कारण एक भी कारखाना नहीं खुला और हर तरफ निराशा का माहौल छा गया।
- गौतम जी ! लगता है ढुल-मुल और दोमुही नीतियों से तंग आ चुके हो ....मामला आर-पार का हो जाना चाहिए ...सभी यही चाहते हैं....पर वे नहीं चाहते जिन्हें वास्तव में चाहने के लिए हमने उन्हें अधिकृत किया हुआ है .......शायद भारत की यही नियति है ......और फौजी की भी .......यूँ भी एक नादाँ सा रोग तो पाल ही चुके हो ......निभाना पड़ेगा ....कोई रोग ज़ल्दी पीछा कहाँ छोड़ता है ?
- प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह भी इस पर अपनी चिंता जाहिर कर चुके हैं और इससे निपटने के लिए केन्द्र से हर सम्भव सहायता देने का वादा कर चुके हैं , पर अब तक वाम दल की बैसाखियों पर चल रही सरकार को बचाने में लगे प्रधानमंत्री और सरकार की ढुल-मुल नीतियों से फायदा उठाकर हाल ही में नक्सलवादियों ने पुलिस और विशेष दल के जवानों पर घात लगाकर किए जाने वाले हमले एकाएक बढ़ा दिए हैं।
- प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह भी इस पर अपनी चिंता जाहिर कर चुके हैं और इससे निपटने के लिए केन्द्र से हर सम्भव सहायता देने का वादा कर चुके हैं , पर अब तक वाम दल की बैसाखियों पर चल रही सरकार को बचाने में लगे प्रधानमंत्री और सरकार की ढुल-मुल नीतियों से फायदा उठाकर हाल ही में नक्सलवादियों ने पुलिस और विशेष दल के जवानों पर घात लगाकर किए जाने वाले हमले एकाएक बढ़ा दिए हैं।
- सरकार को सरबजीत के बारे में सब कुछ पता था| पता ही नहीं था , उसे गहरा विश्वास था कि वह जासूस नहीं था और लाहौर में हुए बम विस्फोट से उसका कुछ लेना-देना नहीं था| यह तथ्य सरबजीत की हत्या के बाद आए प्रधानमंत्री और विदेश सचिव के बयानों से भी सिद्घ होता है तो फिर क्या वजह है कि सरबजीत की रिहाई और रक्षा के प्रति हमारी सरकार ने इतना ढुल-मुल रवैया अपना रखा था?
- यह तथ्य सरबजीत की हत्या के बाद आए प्रधानमंत्री और विदेश सचिव के बयानों से भी सिद्घ होता है तो फिर क्या वजह है कि सरबजीत की रिहाई और रक्षा के प्रति हमारी सरकार ने इतना ढुल-मुल रवैया अपना रखा था ? पहचान की गड़बड़ी के कारण असली अपराधी मंजीतसिंह छूट गया और उसकी जगह सरबजीत फंस गया | उसने 22 साल कोट लखपत की जेल में काट दिए और अब उसकी हत्या भी हो गई | इस नृशंस कांड के लिए आखिर किसे जिम्मेदार ठहराया जाए ?