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ढल जाना meaning in Hindi

pronunciation: [ dhel jaanaa ]
ढल जाना meaning in English

Examples

  1. लगता है कि ब्लागीरी मेरे लिए एक ऐसा कर्म हो गई है , जिस के बिना दिन ढल जाना क्षय तिथि की तरह लगने लगा है जो सूर्योदय होने के पहले ही समाप्त हो जाती है।
  2. वही चिड़ियों का गाना कजरारे मेघों का नभ से ले धरती तक धूम मचाना पौधों का अकस्मात उग आना सूरज का पूरब में चढ़ना औ पच्छिम में ढल जाना जो प्रतिक्षण सुलभ , मुझे उसी ने लुभाया
  3. बड़े से बड़ा “ मूर्ति ” विरोधी भी इस लगाव का शिकार होने से आपने आप को बचा नहीं पाया . “ पाथर ” पूजने के घोर विरोधी कबीर को भी पाथर में ढल जाना पड़ा .
  4. फिर नए सिरे से बक्सों का खुलना , नए घर की दिनचर्या के साथ अपना , बच्चों का ढल जाना , फिर धूप के एक कोने को अपना साथी बनाना , शाम ढलते ही अपनी गोद में दोनों को लिए कमरों में दुबक जाना।
  5. मैं शोला था - मगर यों राख के त्हे ने सर कुचला कि इक सीले - से पेचो - खम में ढल जाना पड़ा मुझको मैं बिजली था - मगर वह बर्फ - आगी बदलिया छायी कि दबकर उन चट्टानों में पिघल जाना पड़ा मुझको
  6. मैं शोला था - मगर यों राख के तूदे ने सर कुचला कि इक सीले - से पेचो - खम में ढल जाना पड़ा मुझको मैं बिजली था - मगर यह बर्फ - आगी बदलिया छायी ये बर्फीली बदलिया आ गयीं , मैं तो बिजली था।
  7. कण -कण पुलकित हो जाए तुम ऐसी उम्मीद जगाना , जन -जन में भरकर निराशा न रोज की तरह ढल जाना , आशाओ के साथ उदय हो खुशियों की किरणे बिखराना, करती आशापूर्ण याचना हाथ जोड़कर आती शाम , रवि तुम्हे संध्या बेला पर करू उम्मीदों भरा सलाम ।
  8. बुद्धिमान लोग इसे सिनेमा का प्रभाव मानते हैं जबकि सिनेमा जगत के लोग खुद को दर्शकों की रूचि के अनुसार ढल जाना सिनेमा में परिवर्तन का कारण मानते हैं , कारण जो भी हों समाज में नैतिक पतन का जिम्मेदार बहुत हद्द तकबदला हुआ घटिया सिनेमा रहेगा ही .
  9. एक शो में एक दिन किसी कॉलर को लाइन पर लिया , तो उसने बताया कि उसे ‘जाने वालों ज़रा मुड़ के देखो मुझे, एक इंसान हूं मैं तुम्हारी तरह...' में आने वाली लाइन ‘फिर रहा हूं भटकता मैं यहां से वहां' और ‘परेशान हूं मैं तुम्हारी तरह'... ‘तूफान तो आना है, आकर चले जाना है, बादल है ये कुछ पल का, छाकर ढल जाना है...
  10. तुम तो अपना धर्म निभाना ! हवा चल रही है तूफानी राह नहीं जानी-पहचानी साथ-साथ चलने की कसमें निकलीं सब की सब बेमानी ; अब तो नियमित क्रिया बन गई सूरज का असमय ढल जाना ! अब न दीप जलाने वाले खाने लगे बचाने वाले धरे हाथ पर हाथ मूक हैं औरों को समझाने वाले ; ऐसी विकट घड़ी में दीपक बाती एक उधार जलाना !
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