झुलसा रोग meaning in Hindi
pronunciation: [ jhulesaa roga ]
Examples
- खरीफ में मक्का की ख्ेाती को नुकसान पहुंचाने वाले कीट / रोगों में-तना छेदक कीट , पत्ती लपेटक कीट , टिड्डा एवं मुडली कीट , तुलसितरा रोग , झुलसा रोग , सूत्रकृमि रोग एवं तना सड़न रोग मुख्य है।
- खरीफ में मक्का की ख्ेाती को नुकसान पहुंचाने वाले कीट / रोगों में-तना छेदक कीट , पत्ती लपेटक कीट , टिड्डा एवं मुडली कीट , तुलसितरा रोग , झुलसा रोग , सूत्रकृमि रोग एवं तना सड़न रोग मुख्य है।
- किसान देवराज , सुरेंद्र कुमार, लेखराज, धर्मचंद, बघेल सिंह, संदीप कुमार, बूटा राम आदि ने बताया कि इस बार अधिक बरसात होने से ग्वार की फसल पर फंफूद, झुलसा रोग, सफेद मक्खी व तेला आदि बीमारियों का प्रकोप हो गया था।
- इस निरंतर प्रयास में उन्होंने पाया कि इस नई किस्म के धान पर बीमारी कम लगती थी , उस समय झुलसा रोग से धान की फसलें तबाह हो जाया करती थी , लेकिन इस धान में इस रोग का असर नहीं था।
- नत्रजन बुवाई से ३ ० - ३ ५ दिन बाद टॉप ड्रेसिंग के रूप में प्रयोग करना चाहिए | संतुलित उर्वरको का प्रयोग कर के कई तरह की बीमारियों से बचा जा सकता है | १ . झुलसा रोग की पहचान :
- नत्रजन बुवाई से ३ ० - ३ ५ दिन बाद टॉप ड्रेसिंग के रूप में प्रयोग करना चाहिए | संतुलित उर्वरको का प्रयोग कर के कई तरह की बीमारियों से बचा जा सकता है | १ . झुलसा रोग की पहचान :
- सरसों की फसल में प्रमुख रोग जैसे आल्टरनेरिया , पत्ती झुलसा रोग, सफ़ेद किट्ट रोग, चूणिल आसिता रोग तथा तुलासिता रोग फसल में लगते है, इन रोगों के नियत्रण के लिए मेन्कोजेब 75 प्रतिशत नामक रसायन को 800-1000 लीटर पानी में मिलकर छिडकाव करना चाहिएI
- कृषि अधिकारियों ने जांच के बाद बताया फसलों पर गर्दन झुलसा रोग का प्रकोप था , जिसे समय रहते कंट्रोल किया जा सकता था लेकिन लगातार हो रही बारिश एवं छाए बादलों के कारण दवाओं का छिड़काव नहीं हो पाया जिसके चलते फसल बर्बाद हो गई।
- उन्होंने बताया कि पिछेती झुलसा रोग के प्रकोप से पत्तियां सिरे से झुलसना प्रारम्भ होती हैं जो तीव्रगति से फैलती हंै जिसके फलस्वरूप पत्तियों पर भूरे / काले रंग के जलीय धब्बे बनते हैं तथा पत्तियों के निचली सतह पर रूई की तरह फफूंद दिखाई देती है।
- मक्का की फसल में प्रमुख रोग जैसे की तुलासिता , पत्तियों का झुलसा रोग, सूत्रकृमि तथा तना सड़न रोग से फसल के बचाव के लिए जिनेब की 2.0 किलोग्राम मात्रा या जीरम 80% की 2.0 लीटर मात्रा पानी में घोलकर छिडकाव करें, तथा तना सड़न की रोकथाम के लिए 15