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चौमासी meaning in Hindi

pronunciation: [ chaumaasi ]
चौमासी meaning in English

Examples

  1. भारी नुकसान मंदाकिनी नदी के उफान पर आने से सुमाड़ी , तिलवाड़ा, रामपुर, सिल्ली, अगस्त्यमुनि, विजयनगर, पूर्वी व पश्चिमी चाका, फलाटी, सौरगढ़, बगड़, जवाहरनगर, पुराना देवल, गंगानगर, बेडूबगड़, सौड़ी, भीरी, गटगदेरा,स्यालसौड़, गबनी गांव, कुंड, चंद्रापुरी, कालीमठ नदी आर-पार, जाल मल्ला, जाल तल्ला, चौमासी, छियासूंगढ़, गौंडार, राऊलेक, सीतापुर, गौरीकुंड, सोनप्रयाग, भटवाडी सुनार, नैलीकुंड, हाट सहित कई गांवों में भारी नुकसान पहुंचा है।
  2. इस संवत् का राजा व मंत्री शुक्र , चौमासी फसलों का स्वामी शस्येश चन्द्र, शीतकालीन फसलों का स्वामी धान्येश शनि, मौसम, वर्षा-पानी के स्वामी मेघेश गुरु, गुड़-खांड, रसकस आदि के स्वामी रसेश मंगल, सर्वविध धातु, आदि व्यापार के स्वामी नीरसेश सूर्य, फल-फूल आदि के स्वामी फलेश गुरु, धन-दौलत एवं खलाना के मालिक धनेश सूर्य व सुरक्षा एवं प्रतिरक्षा के स्वामी गुरु होंगे।
  3. इस संवत् का राजा व मंत्री शुक्र , चौमासी फसलों का स्वामी शस्येश चन्द्र, शीतकालीन फसलों का स्वामी धान्येश शनि, मौसम, वर्षा-पानी के स्वामी मेघेश गुरु, गुड़-खांड, रसकस आदि के स्वामी रसेश मंगल, सर्वविध धातु, आदि व्यापार के स्वामी नीरसेश सूर्य, फल-फूल आदि के स्वामी फलेश गुरु, धन-दौलत एवं खलाना के मालिक धनेश सूर्य व सुरक्षा एवं प्रतिरक्षा के स्वामी गुरु होंगे।
  4. भुवन अनजाने ही बहुत मीठी , मद्धम आवाज़ में कुमाऊंनी विरह-गीत 'न्यौली' गुनगुना रहा है - प्रेमी के विरह में नायिका विलाप कर रही है कि उस मन का क्या करे जो थामा ही नहीं जाता जबकि बहता पानी तक थम जाता है और उस पर मौसम की उदासी - काटन्या, काटन्या पौली ऊंछौ चौमासी को बाना, बगन्या पाणी थामी जांछौ नी थामीनै मन ...
  5. इस संवत् का राजा व मन्त्री शुक्र , चौमासी फसलों का स्वामी सस्येश चन्द्र , शीतकालीन फसलों का स्वामी धान्येश शनि , मौसम , वर्षा-पानी के स्वामी मेघेश गुरु , गुड-खाण्ड , रसकस आदि के स्वामी रसेस मंगल , सर्वविध धातु , आदि व्यापार के स्वामी नीरसेश सूृर्य , फल-फूृल आदि के स्वामी फलेश गुरु , धन -दौलत एवं खलाना के मालिक धनेश सूृर्य होकर सुरक्षा एवं प्रतिरक्षा के स्वामी गुरु है।
  6. इस संवत् का राजा व मन्त्री शुक्र , चौमासी फसलों का स्वामी सस्येश चन्द्र , शीतकालीन फसलों का स्वामी धान्येश शनि , मौसम , वर्षा-पानी के स्वामी मेघेश गुरु , गुड-खाण्ड , रसकस आदि के स्वामी रसेस मंगल , सर्वविध धातु , आदि व्यापार के स्वामी नीरसेश सूृर्य , फल-फूृल आदि के स्वामी फलेश गुरु , धन -दौलत एवं खलाना के मालिक धनेश सूृर्य होकर सुरक्षा एवं प्रतिरक्षा के स्वामी गुरु है।
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