×

गुटरगूँ meaning in Hindi

pronunciation: [ gautergaun ]
गुटरगूँ meaning in English

Examples

  1. श्रीनगर में आज ( बुधवार को) सीआरपीएफ के कैंप पर हुआ आतंकी हमला अमन के उन कबूतरों को घायल करने की कोशिश है, जो श्रीनगर की इमारतों के कंगूरों पर, घर के दालान में और लाल चौक के इर्द-गिर्द पिछले कुछ समय से गुटरगूँ कर रहे थे।
  2. श्रीनगर में आज ( बुधवार को) सीआरपीएफ के कैंप पर हुआ आतंकी हमला अमन के उन कबूतरों को घायल करने की कोशिश है, जो श्रीनगर की इमारतों के कंगूरों पर, घर के दालान में और लाल चौक के इर्द-गिर्द पिछले कुछ समय से गुटरगूँ कर रहे थे।
  3. बरगद का पेड़ हो या पीपल की छैयाँ , अम्मा का चूल्हा हो या खेतों की मड़िया , बेमकसद की गुटरगूँ में गुजरते वो इफ़रात फुर्सत के लमहे हों या फिरताऊ की चिलम से उठता धुआँ , इन सारे बिम्बों से पीयूष एक माहौल रचते चले जाते हैं।
  4. मेरे लिए- हम सबके लिए भी हो तेरा इश्क सूफियानाठ ” बचपन के दिनों की बात है कि हमारे मोहल्ले से लगती एक संकरी गली में एक लुड़का और एक लुड़की पास पास खड़े होकर एक दूसरे की चोंच में अपनी चोंच मिलाकर आपस में गुटरगूँ करने लगे … . .
  5. श्रीनगर में आज ( बुधवार को ) सीआरपीएफ के कैंप पर हुआ आतंकी हमला अमन के उन कबूतरों को घायल करने की कोशिश है , जो श्रीनगर की इमारतों के कंगूरों पर , घर के दालान में और लाल चौक के इर्द-गिर्द पिछले कुछ समय से गुटरगूँ कर रहे थे।
  6. या अल्लाह , इस औरत के तलुवों में तो ज्यों चक्के जड़े हैं , अब कैसे समझाये इसे ” , यूँ फ़िक्र जता कर वो थकाहारा खाट पर निढाल हो जाता और सईदन … वो तो मन ही मन खुश हो रहती अपने अज़ीज़ बेज़ुबान कबूतर को गुटरगूँ करते देख।
  7. पहले जहाँ युवा व अधेड़ जोड़े हाथ थामे या और भी अधिक सटे , संसार से बेखबर समुद्र की तरफ मुँह किए गुटरगूँ करते पाए जाते थे अब एक दूजे का हाथ थामने की बजाए हाथ में कागज की पुड़िया, प्लेट या कप थामे भेल या कुछ और टूँगते नजर आते हैं।
  8. पहले जहाँ युवा व अधेड़ जोड़े हाथ थामे या और भी अधिक सटे , संसार से बेखबर समुद्र की तरफ मुँह किए गुटरगूँ करते पाए जाते थे अब एक दूजे का हाथ थामने की बजाए हाथ में कागज की पुड़िया , प्लेट या कप थामे भेल या कुछ और टूँगते नजर आते हैं।
  9. कुछ भी याद नहीं , सिर्फ एक सफेद कबूतरी याद है , जो मेरी कल्पनाओं में निरन्तर मेरे साथ है , जिसके फैले हुए पंख मेरी छत हैं , जिसका नर्म स्पर्श मेरा बिस्तर है , जिसकी प्यारी गुटरगूँ मेरी प्रार्थना है , जिसका फड़फड़ाना मेरे जज्बात हैं , जिसका उड़ना मेरा विस्तार है।
  10. माना विद्यार्थी जीवन में आमूमन ऐसा ही होता था कि लड़के ही लड़कियों का पीछा करते थे पर जरूरी तो नहीं कि हमेशा ही ऐसे ही होता हो , सभी नर मादा तो ऐसे नही होते , उसके मोहित को ही ले लो कितना शान्त और तटस्थ है, कभी ऐसे बेचैन होकर नही मचलता, गुटरगूँ नही करता।
More:   Prev  Next


PC Version
हिंदी संस्करण


Copyright © 2023 WordTech Co.