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खिल्ली उड़ाना meaning in Hindi

pronunciation: [ khileli udanaa ]
खिल्ली उड़ाना meaning in English

Examples

  1. 1 ) मिश्रा जी किसी को सबक देना चाहते हैं ? 2 ) मिश्रा जी किसी की खिल्ली उड़ाना चाहते हैं ? 3 ) मिश्रा जी अपरोक्ष रुप से किसी को धमकाना चाहते हैं ? 4 ) कुछ लोग हिन्दी ब्लॉग जगत को अपनी-अपनी खुन्नस उतारने का ठिकाना बनाना चाहते हैं ?
  2. ब्लॉगर्स के बीच शब्दों , व्याकरण अथवा टायपिंग की गलती हो या किसी कविता या लेख को आधार बना कर खिल्ली उड़ाना भी खूब होता रहा , तुरन्त जवाब देना मेरी आदत नहीं , जान बूझ कर इग्नोर करती रही , और जवाब देना भी क्या था , जो गलतियाँ थी लेखन वे वे तो थी / हैं ही ....
  3. इस बात के पीछे कुतर्क सा दिया जा सकता है कि प्रशासन वहां पर भीड़ को नियन्त्रित करने के लिए था , लोगों की सुरक्षा के लिए था किन्तु क्या इस बात से इंकार किया जा सकता है कि वहां उसका उपस्थित होना उस सरकारी आदेश की खिल्ली उड़ाना भी था जिसके आधार पर ऐसी उपाधियों पर रोक लगाई जा चुकी है।
  4. नोट -मैं ब्याक्तिगत रूप से सभी धर्मो का सम्मान करता हु और करता रहूगा ! मैं किसी भी धर्र्म की खिल्ली उड़ाना या कमिया देखना मेरे स्वभाव में नहीं है , पर कुछ तथाकथित नव बौध्ध दिन भर वैदिक सनातन धर्र्म की निदा और बुराई करते रहते है जिससे त्रस्त होकर उनको जबाब के रूप में यह ब्लॉग मेरे नव बौध्दो को समर्पित है !!
  5. भक्ति आंदोलन के कवियों का ज्ञानियों की खिल्ली उड़ाना , पोथी का उपहास उडाना और काव्य पर जोर देना , बुनियादी तौर पर ये लोग दार्शनिक नहीं बनना चाहते वे कवि बनना चाहते थे , ऐसा नहीं था कि यो भक्तकवि विद्वान नहीं थे , बल्कि सच्चाई यह है कि ये पक्के बुद्धिजीवी थे , लेकिन कविता लिखना चाहते थे दर्शन लिखना नहीं चाहते थे।
  6. कांग्रेस -सेकुलरों तथा वामपंथी सरकारों द्वारा जिस तरह से पिछले 10-15 सालों में लगातार हिन्दू आस्थाओं की खिल्ली उड़ाना , हिन्दू मन्दिरों की धन-सम्पत्ति हड़पने की कोशिशें करना, हिन्दू सन्तों एवं धर्माचार्यों को अपमानित एवं तिरस्कारित करने का जो अभियान चलाया जा रहा है, वह “किसके इशारे” पर हो रहा है यह न तो बताने की जरुरत है और न ही हिन्दू इतने बेवकूफ़ हैं जो यह समझ न सकें।
  7. मेरे आलोचकों के लिए , “ डेढ़ साल में सिर्फ़ 86,000 रुपये … !!! ” कहकर इसकी खिल्ली उड़ाना आसान है , परन्तु वे यह ध्यान में रखें कि यह राशि किसी पार्टी , समूह अथवा संस्था ने नहीं दी है , बल्कि व्यक्तियों ने “ अपनी खून-पसीने की कमाई ” में से एक पवित्र उद्देश्य के लिए दी है , और मेरे लिए यह बहुत बड़ी बात है।
  8. उनके राजनैतिक विरोधियों विशेषकर कांग्रेस पार्टी द्वारा उनके विरुद्ध किए जा रहे उपवास विरोधी प्रचार को भी इतना अधिक महत्व दिए जाने की आवश्यकता इसलिए नहीं है क्योंकि जिस प्रकार कांग्रेस द्वारा उठाया गया कोई भी कदम अथवा कांग्रेस का कोई भी फैसला भाजपा या उनके नेताओं को नाटक प्रतीत होता है उसी प्रकार कांग्रेस का भी नरेंद्र मोदी के सद्भावना उपवास से सहमत न होना या उसकी खिल्ली उड़ाना कोई चैंकाने वाली बात हरगिज नहीं है।
  9. वो दौड़ लगाना , छुक- छुक करती रेल की तरह भागते जाना , तालाबों , खेतों - खलिहानों के बीच दौड़ते जाना , जाड़े के दिनों में हांडी में आलू रख औंधा लगाना , हवाओं से भी तेज भागते हुए , उसकी खिल्ली उड़ाना , अपने बाल दोस्तों के बीच सभा करना , मस्ती के आलम में डूबे रहना , बिजली कटने के बाद , बिजली आने पर हंगामा मचाते हुए , घर की ओर लौटना ....
  10. किसी की भी खिल्ली उड़ाना और किसी भी विषय पर विचार किये वगैर अपनी बात थोप देना आदि आदि यहाँ . ... बखूबी देखने को मिल रही है ...अब तो इस मंच से साहित्यकार कवि लेखक भी जुड़ने से डरने लगे है ..को लेकर...मैंने यह पोस्ट “ क्या यही स्वतंत्र अभिव्यक्ति का मंच है की किसी पर भी कुछ भी थोपो ....क्या ब्लागिंग जीनियस करते है आदि आदि....क्यों न अब ब्लागिंग को राम राम कर ली जा ये ”.
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