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उत्तरित meaning in Hindi

pronunciation: [ utetrit ]
उत्तरित meaning in English

Examples

  1. लोगों की सोच पर तीखा प्रहार , समाज के लिये सुन्दर संदेश , देश भक्ति जागृत करने वाला , अनु उत्तरित प्रश्नों को उठाने वाला आलेख निश्चित ही बहुत ही सराहनीय है।
  2. मैं सच कह रहा हूँ आपका युगों युगों से अनुत्तरित प्रश्न कुछ ही दिनों में उत्तरित हो जायेगा मुझे हैरत है आपका शौक किताबें पङना है फ़िर भी आपको इसका उत्तर नहीं मिला .
  3. शाइर ने ' रात में छुपकर घर से निकलने' की बात कहकर 'गौतम' के चेहरे पर टॉर्च का फ़ोकस-सा मार दिया है जिसके प्रकाश में 'कौन-से गौतम?' वाला प्रश्न सुस्पष्ट रूप से उत्तरित हो गया है।
  4. शाइर ने ‘ रात में छुपकर घर से निकलने ' की बात कहकर ‘ गौतम ' के चेहरे पर टॉर्च का फ़ोकस-सा मार दिया है जिसके प्रकाश में ‘ कौन-से गौतम ? ' वाला प्रश्न सुस्पष्ट रूप से उत्तरित हो गया है।
  5. के प्रश्न को सुग्य जी ने पूर्ण रूप से उत्तरित कर दिया है . ..... -वैसे भी शाकाहारी तो शाक , फ़ल , सब्जी आदि सभी कुछ स्वयं उगा कर आहार में प्रयोग करते हैं न कि प्राक्रितिक पैड-पौधे वनों से लेकर य उन्हें नष्ट करके ....
  6. प्रशिक्षण के दौरान सब से बड़ा सहयोग संध्या सत्संग से मिलता है| जो भी कुछ तुमने पूरे दिन में अनुभव किया है और जो प्रश्न तुम्हारे समक्ष खड़े होते हैं किसी न किसी रूप में ओशो द्वारा उत्तरित हो जाते हैं , एक ध्यानपूर्ण और मौन वातावरण में|
  7. -अमरनाथ जी की शाकाहारियों द्वारा जैव विविधता को हानि . .के प्रश्न को सुग्य जी ने पूर्ण रूप से उत्तरित कर दिया है ...... -वैसे भी शाकाहारी तो शाक, फ़ल, सब्जी आदि सभी कुछ स्वयं उगा कर आहार में प्रयोग करते हैं न कि प्राक्रितिक पैड-पौधे वनों से लेकर य उन्हें नष्ट करके ....
  8. यक्ष-प्रश् न . .. प्रत्येक युग में अपने-अपने प्रकार से प्रश्नांकित व उत्तरित किये जाते रहेंगे | मैंने समापन करते हुए दोनों हाथ जोड़कर कहा , हम तो बस आप सबको , सभी महिलाओं को ‘ जोरि जुग पाणी ' प्रणाम ही कर सकते हैं इस आशा में कि शायद रामजी की एवं पुरुष-वर्ग की इस तथाकथित भूल का रंचमात्र भी निराकरण होजाए |
  9. इन सबका एक बड़ा सवाल यह भी है कि क्यों हम इतने वर्षों में भी आज तक इन तमाम सवालों को उत्तरित नहीं कर सके ! तरक्की के तमाम आयामों को पार करने के बाद भी आज हम बहुत से मामलों में इतने पराधीन हैं कि मुंह ताकने तक की स्तिथि आ जाती है ! क्यों ? इसी तरह के तमाम सवालों से अटी यह “ एक चिट्ठी देश के नाम ” दिल्ली से देश और समाज के जागरूक युवा [ राजीव तनेजा ' ] ने [ उल्टा तीर ] को भेजी है ।
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