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आत्मनिवेदन meaning in Hindi

pronunciation: [ aatemniveden ]
आत्मनिवेदन meaning in English

Examples

  1. वेदांत दर्शन पर आधारित यह पुस्तक एक आत्मनिवेदन रूप में यह बताती है कि हमारे अंदर विद्यमान आत्मसत्ता में कितनी शक्ति भरी पड़ी है।
  2. ( 6) भक्तियोग :- भक्त श्रवण, कीर्तन, स्मरण, पादसेवन, अर्चन, वंदन, दास्य, सख्य और आत्मनिवेदन रूप- इन नौ अंगों को नवधा भक्ति कहा जाता है।
  3. प्रेम के शुद्ध रूप कहो- सम्मिलन है प्रधान या गौण ? कौन ऊँचा है ? भावोद्रेक ? या कि नत आत्मनिवेदन मौन ? [ 1 ]
  4. इस आत्मनिवेदन को हम पारंपरिक उच्च-भ्रू संदर्भ की आलोचना के साथ-साथ पत्रिका के घोषणा-पत्र और इसकी अपनी आकांक्षाओं के दस्तावेज़ के रूप में पढ़ सकते हैं।
  5. ये राजा आत्मनिवेदन , कन्योपायन , दान , गरुड़ध्वज से अंकित आज्ञापत्रों के ग्रहण आदि उपायों से सम्राट समुद्रगुप्त को प्रसन्न रखने का प्रयत्न करते थे।
  6. इस आत्मनिवेदन को हम पारंपरिक उच्च-भ्रू संदर्भ की आलोचना के साथ-साथ पत्रिका के घोषणा-पत्र और इसकी अपनी आकांक्षाओं के दस्तावेज़ के रूप में पढ़ सकते हैं।
  7. श्रवण ( परीक्षित), कीर्तन (शुकदेव), स्मरण (प्रह्लाद), पादसेवन (लक्ष्मी), अर्चन (पृथुराजा), वंदन (अक्रूर), दास्य (हनुमान), सख्य (अर्जुन), और आत्मनिवेदन (बलि राजा) - इन्हें नवधा भक्ति कहते हैं ।
  8. आराध्य के प्रति श्रवणं , कीर्तनं , स्मरणं , पादसेवनं , अर्चनं , वंदनं , दास्यं , साख्य और आत्मनिवेदन तो अभिव्यक्त हुए लेकिन रति और लास्यं नहीं।
  9. मेरे गीत मेरा आत्मनिवेदन मात्र हैं - उनके विषय में कुछ कह सकना मेरे लिए सम्भव नहीं ! इन्हें मैं अपने उपहार के योग्य अकिंचन भेंट के अतिरिक्त और कुछ नहीं मानती।
  10. ( 6 ) भक्तियोग : - भक्त श्रवण , कीर्तन , स्मरण , पादसेवन , अर्चन , वंदन , दास्य , सख्य और आत्मनिवेदन रूप- इन नौ अंगों को नवधा भक्ति कहा जाता है।
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