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अप्राकृत meaning in Hindi

pronunciation: [ aperaakerit ]
अप्राकृत meaning in English

Examples

  1. उन्हें पढ़ने वाला राधा कृष्ण के सम्बन्ध में कभी भी दोष युक्त द्रष्टि का शिकार नहीं हो सक ता , वास्तव में रास लीला अप्राकृत लीला थी , जहाँप्रत्येक वस्तुऔर तत्व अप्राकृत जहाँ भौतिक म्लान काम आदि का स्पर्श भी नहीं है !
  2. ( काव्य की उपमाएँ सब त्रिगुणात्मक , मायिक जगत से ली गई हैं , उन्हें भगवान की स्वरूपा शक्ति श्री जानकीजी के अप्राकृत , चिन्मय अंगों के लिए प्रयुक्त करना उनका अपमान करना और अपने को उपहासास्पद बनाना है ) ॥ 1 ॥
  3. सम्पूर्ण रूप से तादात्म्य प्राप्त करने पर प्रेम का उदय होता है , देह और इन्द्रियाँ पूर्णरूप से अप्राकृत या चिन्मय हो जाती हैं , * श्रीकृष्ण के परिकर सहित दर्शन होते हैं और अन्तश्चिन्तित सिद्ध देह पूर्ण रूप से चिन्मय हो जाता है।
  4. वास्तव में यह रास लीला अप्राकृत लीला थी ! जहाँ प्रतिएक वस्तु और तत्व अप्राकृत था ! आनंद रूपता प्रेममयता चिन्मयता दिव्यता एक मात्र भगवत्ता का ही लक्षण है , रास लीला कृष्ण का प्रेमक्रीडा महोत्सव है , जहाँ भौतिक म्लान कामादि का स्पर्श भी नहीं है !
  5. वास्तव में यह रास लीला अप्राकृत लीला थी ! जहाँ प्रतिएक वस्तु और तत्व अप्राकृत था ! आनंद रूपता प्रेममयता चिन्मयता दिव्यता एक मात्र भगवत्ता का ही लक्षण है , रास लीला कृष्ण का प्रेमक्रीडा महोत्सव है , जहाँ भौतिक म्लान कामादि का स्पर्श भी नहीं है !
  6. भक्ति सम्प्रदायो के आचार्यो का प्रमुख कार्य पार्थविकता का अपार्थविकता से , प्राकृत का अप्राकृत से , बिंदु का सिन्धु से , लघुता का विराट से , तादाम्य सम्बन्ध स्थापित करना था ! मानव मन की उदात्त भावनाओ के सार का , मधुर रागात्मक श्रेष्ठतम अंश का , सहज भाव से उस महा तत्व को सम्पूर्ण समर्पण ही , भक्ति की सार्थक अर्थवत्ता है !
  7. ( आल्हदिनी शक्ति विलास लक्षणपरम प्रेममयी , एव एषा रिरिंन्सा न तु काम ची ति ! ) , पं ० -बलदेव उपाध्याय , ' भारतीय -दर्शन ‘ पृ ० ७ १ ५ “ रासलीला जीव के पूर्ण समर्पण भाव का द्योतक है , ‘ सर्व धर्मान परितज्य मामेकं शरणम ब्रज ‘ गीता के इस गुह्यतम उपदेश का रस भाष्य है ! … लीला पुरुषोत्तम श्रीकृष्ण अप्राकृत काम थे , और इस लीला द्वारा गोपियों को अप्राकृत विशुध्द प्रेमामृत का पान कराया ..
  8. ( आल्हदिनी शक्ति विलास लक्षणपरम प्रेममयी , एव एषा रिरिंन्सा न तु काम ची ति ! ) , पं ० -बलदेव उपाध्याय , ' भारतीय -दर्शन ‘ पृ ० ७ १ ५ “ रासलीला जीव के पूर्ण समर्पण भाव का द्योतक है , ‘ सर्व धर्मान परितज्य मामेकं शरणम ब्रज ‘ गीता के इस गुह्यतम उपदेश का रस भाष्य है ! … लीला पुरुषोत्तम श्रीकृष्ण अप्राकृत काम थे , और इस लीला द्वारा गोपियों को अप्राकृत विशुध्द प्रेमामृत का पान कराया ..
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