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अपादान meaning in Hindi

pronunciation: [ apaadaan ]
अपादान meaning in English

Examples

  1. अपादान कारक उपचार के लिए इस रेडियोधर्मी आयोडीन के समस्थानिक का प्रयोग नैदानिक रेडियोआयोडीन ( आयोडीन-123) की तुलना में अधिक शक्तिशाली होता है, जिसका जैविक अर्द्ध जीवन 8-13 घंटे होता है.
  2. राजस्थानी की वाक्यरचनागत विशेषताओं में प्रमुख उक्तिवाचक क्रिया के कर्म के साथ संप्रदान कारक का प्रयोग है , जबकि हिन्दी में यहाँ ' करण या अपादान ' का प्रयोग देखा जाता है।
  3. ( 1) खुद्दक पाठ (2) धम्मपद (3) उदान (4) इतिवुत्तक (5) सुत्तनिपात (6) विमानवत्थु (7) पेतवत्थु (8) थेरगाथा (9) थेरीगाथा (10) जातक (11) निद्देस (12) पटिसंभिदामग्ग (13) अपादान (14) बुद्धवंस और (15) चरियापिटक। अभिधम्मपिटक
  4. इन दो वाक्यों में ‘स्वास्थ्य के लिए ' और ‘गुरुजी को' संप्रदान कारक हैं।5. अपादान कारकसंज्ञा के जिस रूप से एक वस्तु का दूसरी से अलग होना पाया जाए वह अपादान कारक कहलाता है।
  5. इन दो वाक्यों में ‘स्वास्थ्य के लिए ' और ‘गुरुजी को' संप्रदान कारक हैं।5. अपादान कारकसंज्ञा के जिस रूप से एक वस्तु का दूसरी से अलग होना पाया जाए वह अपादान कारक कहलाता है।
  6. स जनो; तिम ज़“न्य Ð।तें जने ( ते जना:); त”म्य ज़"न्य Ð।तें3 जनें3 (तेन जनेन); तिमव, जन्यव Ð ।तैं जनै: (तै: जनै:); कर्म, संप्रदान, अपादान और अधिकरण में प्राय: संबंध के मूल रूप में ही परसर्ग जोड़कर काम निकाला जाता है;
  7. स्वतंत्र 15 रचनाओं का समावेश है , जिनके नाम हैं - (1) खुद्दक पाठ (2) धम्मपद (3) उदान (4) इतिवुत्तक (5) सुत्तनिपात (6) विमानवत्थु (7) पेतवत्थु (8) थेरगाथा (9) थेरीगाथा (10) जातक (11) निद्देस (12) पटिसंभिदामग्ग (13) अपादान (14) बुद्धवंस और (15) चरियापिटक।
  8. विभक्तियों के नाम के अनुसार इसके छह भेद हैं- ( 1) कर्म तत्पुरुष गिरहकट गिरह को काटने वाला(2) करण तत्पुरुष मनचाहा मन से चाहा(3) संप्रदान तत्पुरुष रसोईघर रसोई के लिए घर(4) अपादान तत्पुरुष देशनिकाला देश से निकाला(5) संबंध तत्पुरुष गंगाजल गंगा का जल(6) अधिकरण तत्पुरुष नगरवास नगर में वास
  9. खुद्दक निकाय में विषय तथा रचना की दृष्टि से प्राय : सर्वथा स्वतंत्र 15 रचनाओं का समावेश है, जिनके नाम हैं - (1) खुद्दक पाठ (2) धम्मपद (3) उदान (4) इतिवुत्तक (5) सुत्तनिपात (6) विमानवत्थु (7) पेतवत्थु (8) थेरगाथा (9) थेरीगाथा (10) जातक (11) निद्देस (12) पटिसंभिदामग्ग (13) अपादान (14) बुद्धवंस और (15) चरियापिटक।
  10. विभक्तियों के नाम के अनुसार तत्पुरुष समास छह भेद हैं- # कर्म तत्पुरुष ( गिरहकट - गिरह को काटने वाला) # करण तत्पुरुष (मनचाहा - मन से चाहा) # संप्रदान तत्पुरुष (रसोईघर - रसोई के लिए घर) # अपादान तत्पुरुष (देशनिकाला - देश से निकाला) # संबंध तत्पुरुष (गंगाजल - गंगा का जल) # अधिकरण तत्पुरुष (नगरवास - नगर में वास)
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