अपभ्रंश भाषा meaning in Hindi
pronunciation: [ apebhernesh bhaasaa ]
Examples
- इसी समय आचार्य हेमचंद्र ने अपभ्रंश का विस्तृत और सोदाहरण व्याकरण लिखकर अपभ्रंश भाषा के गौरवपूर्ण पद की प्रतिष्ठा कर दी।
- इसी समय आचार्य हेमचंद्र ने अपभ्रंश का विस्तृत और सोदाहरण व्याकरण लिखकर अपभ्रंश भाषा के गौरवपूर्ण पद की प्रतिष्ठा कर दी।
- अपभ्रंश भाषा का विकास 500 ई . से लेकर 1000 ई. के मध्य हुआ और इसमें साहित्य का आरम्भ 8वीं सदी ई.
- अपभ्रंश भाषा का ढाँचा लगभग वही है जिसका विवरण हेमचंद्र के सिद्धहेमशबदानुशासनम् के आठवें अध्याय के चतुर्थ पाद में मिलता है।
- अपभ्रंश भाषा का ढाँचा लगभग वही है जिसका विवरण हेमचंद्र के सिद्धहेमशबदानुशासनम् के आठवें अध्याय के चतुर्थ पाद में मिलता है।
- एक ही कवि विद्यापति ने दो प्रकार की भाषा का व्यवहार किया हैपुरानी अपभ्रंश भाषा का और बोलचाल की देशी भाषा का।
- अपभ्रंश भाषा का विकास 500 ई . से लेकर 1000 ई. के मध्य हुआ और इसमें साहित्य का आरम्भ 8 वीं सदी ई.
- सिन्धा नदी के आसपास जो प्रदेश हैं , उसमें ब्राचड़ा नाम की अपभ्रंश भाषा प्रचलित थी , आधाुनिक सिन्धाी एवं लहँड़ा की उत्पत्तिा उसी से हुई।
- किंतु इन्होंने अपना ग्रंथ ' पउम चरिउ' (पद्म चरित्र - जैन रामायण) में ऐसी अपभ्रंश भाषा का प्रयोग किया है जिसमें प्राचीन हिन्दी का रूप इंगित है।
- जैन-रामायण के नाम से विख्यात अपभ्रंश भाषा की रामकथा कृति “पउम चरिउ” में रावण के शील का चित्रण करते हुए एक अनूठी और विलक्षण उद्भावना करते हैं।