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अपदार्थ meaning in Hindi

pronunciation: [ apedaareth ]
अपदार्थ meaning in English

Examples

  1. यह कितने आश्चर्य का विषय है कि वर्तमान युग में वैज्ञानिकों द्वारा अनुसंधान पर अनुसंधान करने के पश्चात कई वर्षों में यह अनुमान लगाया गया कि विश्व में पदार्थ एवं अपदार्थ / प्रतिपदार्थ (
  2. यह कितने आश्चर्य का विषय है कि - वर्तमान युग में वैज्ञानिकों द्वारा अनुसंधान पर अनुसंधान करने के पश्चात कई वर्षों में यह अनुमान लगाया गया कि - विश्व में पदार्थ एवं अपदार्थ
  3. लेकिन आप पाठकों की विद्वान् श्रेणी का सदस्य होकर भी मैं यह स्वीकार नहीं करना चाहता हूँ कि उस अपदार्थ प्राणी को वह प्राप्त है जो हममें से बहुत कम को शायद प्राप्त है।
  4. इस लेख के लेखक श्री डी०पी०सिहं एवं सुखमनी कौर ने यह लिखा है कि सर्वाधिक कीमती वस्तु संसार में हीरा , यूरेनियम , प्लैटिनम , यहाँ तक कि कोई पदार्थ भी नहीं है बल्कि अपदार्थ / या प्रतिपदार्थ अर्थात
  5. मुझ जैसे अपदार्थ को जो आदमी इतनी निविड़ आत्मीयता दे सकता है , उसे अहंकारी कहना असत्य की अति नहीं तो और क्या है ! मुझे जैसे निपट-निरक्षर को भगवती भारती के पुरुषावातार शास्त्री जी ही ऐसे पत्र लिख सकते हैं।
  6. यह कितने आश्चर्य का विषय है कि वर्तमान युग में वैज्ञानिकों द्वारा अनुसंधान पर अनुसंधान करने के पश्चात कई वर्षों में यह अनुमान लगाया गया कि विश्व में पदार्थ एवं अपदार्थ / प्रतिपदार्थ ( Matter and Antimatter ) समान रूप से उपलब्ध है।
  7. इतने दिनों बाद अब वह श्लोक तो मुझे याद नहीं रहा , लेकिन उसका आशय कुछ इस प्रकार था-'इस विशाल संसार-सागर में मैं क्या हूँ ? एक अपदार्थ बुलबुला, जिसके शरीर में न शक्ति है, न मन में उत्साह, परिवार में पुत्र-कलत्र भी नहीं है।
  8. इस लेख के लेखक श्री डी ० पी ० सिहं एवं सुखमनी कौर ने यह लिखा है कि सर्वाधिक कीमती वस्तु संसार में हीरा , यूरेनियम , प्लैटिनम , यहाँ तक कि कोई पदार्थ भी नहीं है बल्कि अपदार्थ / या प्रतिपदार्थ अर्थात ANTIMATTER है।
  9. हम स्तब्ध रह गए।इतने दिनों बाद अब वह श्लोक तो मुझे याद नहीं रहा , लेकिन उसका आशय कुछ इस प्रकार था-'इस विशाल संसार-सागर में मैं क्या हूँ ? एक अपदार्थ बुलबुला, जिसके शरीर में न शक्ति है, न मन में उत्साह, परिवार में पुत्र-कलत्र भी नहीं है।
  10. रेणु ने खूद ही कहा था कि ‘‘ मेरे साधारण पाठक मेरी स्पष्टवादिता तथा सपाटबयानी से सदा संतुष्ट हुए है और साहित्य के राजदार पंडित , कथाकार , आलोचकों ने हमेशा नाराज होकर मुझे एक जीवन दर्शनहीन , अपदार्थ , अप्रतिबद्ध , व्यर्थ रोमांटिक प्राणी प्रमाणित किया है।
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