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अघट meaning in Hindi

pronunciation: [ aghet ]
अघट meaning in English

Examples

  1. / / / / / / / / / / / / / / / / / / / कल्पना से परे इस घटना अघट से चेतन थे जड़, जड़ चेतन समान थे।
  2. तब कौन घट उत्पन्न होकर घट-संज्ञा-लाभकरेगा ? क्रिया के अघट के आश्रित होने के लिए निश्चित करना होगा कि यह अघटक्या है? यह पट है या अभावमात्रता है? यदि प्रथम है तो समस्या दुहरी होजाएगी.
  3. कोई उनकी सुनता भले नहीं था पर ये बूढ़े अपनी बूढ़ी चमड़ियों में छिपे बैठे अनुभव से जानते थे कि चारों ओर बहुत कुछ ऐसा अघट घट रहा है जो उन्होंने पहले कभी नहीं देखा सुना था।
  4. यदि आप भौतिक रूप को हृदय में स्थान दोगे , यदि आप उसमें आसक्त हो जाओगे , उसे बेहद प्यार करने लगोगे तो आप देखोगे कि अवश्यमेव कुछ अघट घटना घट जायगी और उस वस्तु को हर लेगी या उसमें परिवर्तन कर देगी।
  5. अनेक धार्मिक आयोजन विश्व में कही पर भी होते हैं सभी या अधिकांश लोग भाग लेते हैं , तन मन और धन से यथा संभव ! लगभग सभी आयोजनों में कुछ न कुछ अघट घटनाएँ घट जाती हैं , जिनसे जान-माल की काफी क्षति होती है .
  6. रविवार की मध् याह्न जब मैं वहाँ से चली , वह चंगी थी , सोमवार को उसके विकृत चेहरे ने मुझे आतंकित कर दिया , यह समझना मुश्किल न था कि उसकी हड्डियों और चमड़ी के बीच कोई अघट रहस् य चल रहा है , स् वस् थ कोशिकाएँ दिनोंदिन मरती जा रही हैं।
  7. इस प्रसंग के दौरान पत्रिका के जनपद की बात तो होगी ही लेकिन पत्रिका का एक नेपथ्य भी है जिसमें बहुत कुछ अघट रहता है लेकिन जिसके भूमिगत रहते हुए भी लघु पत्रिकाएं और उनकी टीमें न सिर्फ अर्थाभाव से बल्कि अनेक तरह के प्रभावों के बीच हर बार अपने संकल्प की जीत दर्ज करती हैं .
  8. पुरुरवा महाश्चर्य ! अघट घटना ! अद्भुत अपूर्व लीला है ! यह सब सत्य-यथार्थ या कि फिर सपना देख रहा हूँ ? पुत्र ! देवि ! मैं पुत्रवान हूँ ? यह अपत्य मेरा है ? जनम चुका है मेरा भी त्राता पुं नाम नरक से ? अकस्मात हो उथा उदित यह संचित पुण्य कहाँ का ?
  9. पुरुरवा महाश्चर्य ! अघट घटना ! अद्भुत अपूर्व लीला है ! यह सब सत्य-यथार्थ या कि फिर सपना देख रहा हूँ ? पुत्र ! देवि ! मैं पुत्रवान हूँ ? यह अपत्य मेरा है ? जनम चुका है मेरा भी त्राता पुं नाम नरक से ? अकस्मात हो उथा उदित यह संचित पुण्य कहाँ का ?
  10. घट चुकी घटनाओं को अघट करना हमारे बस में नहीं है किंतु , उन पर बात करने को भी प्रतिबन्धित किया जाए तब भी उन पर विचार तो प्रतिबंधित नहीं होते न ? मन सब जानता है कि गए हुए लौट कर नहीं आते किंतु क्या करें कि हाथों में लालीपॉप की तरह एके ४७ का नाचना बार बार उन्हें झकझोरता है।
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