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अक़्ली meaning in Hindi

pronunciation: [ akeli ]
अक़्ली meaning in English

Examples

  1. रौशन दलील से वह अक़्ली दलील मुराद है जो इस्लाम की सच्चाई को प्रमाणित करे और उस व्यक्ति से जो अपने रब की तरफ़ से रौशन दलील पर हो , वो यहूदी मुराद हें जो इस्लाम लाए जैसे कि हज़रत अब्दुल्लाह बिन सला म.
  2. खुलासा यह कि जिस तरह क़ुरआने करीम के अलफ़ाज़ पर जमूद , अक़्ली व नक़्ली मोतबर क़रीनों पर तवज्जोह न देना एक तरह का इनहेराफ़ है उसी तरह तफ़्सीर बिर्राय भी एक क़िस्म का इनहेराफ़ है और यह दोनों क़ुरआने करीम की अज़ीम तालीमात से दूरी का सबब है।
  3. खुलासा यह कि जिस तरह क़ुरआने करीम के अलफ़ाज़ पर जमूद , अक़्ली व नक़्ली मोतबर क़रीनों पर तवज्जोह न देना एक तरह का इनहेराफ़ है उसी तरह तफ़्सीर बिर्राय भी एक क़िस्म का इनहेराफ़ है और यह दोनों क़ुरआने करीम की अज़ीम तालीमात से दूरी का सबब है।
  4. इब्ने अबिल हदीद शरहे नहजुल बलाग़ा में तहरीर करते हैं : तमाम उलूम के मुक़द्देमात का सिलसिला हज़रत अली ( अ ) तक पहुचा है , आप ही ने दीनी क़वायद और शरीयत के अहकाम को वाज़ेह किया , आपने अक़्ली और मनक़ूला उलूम की बहसों को वाज़ेह किया है।
  5. प्रोफेसर कमर रईस ने बड़े अच्छे अन्दाज में कहा है : ” यह नई नस्ल ज्यादा सरकश , बेबाक और खुद आगाह थी , मार्क्सिज्म या इश्तेराकियत ने इसे इन्सानी समाज और उसके मसाइल के इदराक व शुऊर की जो सलाहियत दी थी , उसकी बुन्याद साइंसी और अक़्ली तरीके़कार पर थी।
  6. मगर न काई अक़्ली दलील ला सकते हो जैसा कि बयान किये हुए प्रमाणों से ज़ाहिर हो चुका और न काई नक़ली दलील यानी किसी का कहा हुआ पेश कर सकते हो क्योंकि सारी आसमानी किताबों में अल्लाह के एक होने का बयान है और सब मैं शिर्क को ग़लत क़रार दिया गया है .
  7. इस बार सबसे अच्छी बात जो सामने आयी है वह यह है कि देवबंद के उलेमा ने फतवों पर सफाई देते हुए कहा है कि चाहे मौलाना क़ल्बे सादिक हों या कोई और जो लोग अक़्ली बात कर रहे हैं , उनकी बात का एक ही जवाब है कि इस्लाम में जो कुछ बताया गया है उसमें अपनी अक़्ल लगाने का कोई मतलब नहीं है।
  8. हज़रत अइम्मा ए आतहार ( अ ) मुख्यता हज़रत इमाम अली ( अ ) की तरफ़ से गहन ईश्वरीय विषय की व्याख्या इस बात का कारण बनी कि शियों की अक़्ल बहुत पहले से ही फ़ल्सफ़ी और तार्किक अक़्ल का रूप में आ गई , शियों के धर्म गुरूओं के बहु मूल्य इल्मी संग्रह कारण बने कि शिया धर्म गुरू धार्मिक कार्यों और विषयों में अक़्ली विषयों की तरफ़ झुकाव पैदा करें।
  9. ( 17 ) मन्नत बड़ी नेअमत को कहते है और बेशक सैयदे आलम सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम का रसूल बनकर तशरीफ़ लाना एक बड़ी नेअमत है , क्योंकि आदमी की पैदायश जिहालत , नासमझी और कम अक़्ली पर है तो अल्लाह तआला ने रसूले करीम सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम को उनमें भेज कर उन्हें गुमराही से रिहाई दी और हुज़ूर की बदौलत उन्हें दृष्टि प्रदान करके जिहालत या अज्ञानता से निकाला और आपके सदक़े में सीधी सच्ची राह दिखा ई.
  10. ( (( इसमें कोई शक नहीं है के तन्ज़ीमे हयात एक अक़्ली फ़रीज़ा है और हर मसले को सिर्फ़ तवक्कल बख़ुदा के हवाले नहीं किया जा सकता है , इस्लाम ने अज़्दवाजी कसरते नस्ल पर ज़ोर दिया है , लेकिन दामन देख कर पैर फैलाने का शऊर भी दिया है लेहाज़ा इन्सान की ज़िम्मेदारी है के इन दोनों के दरम्यान से रास्ता निकाले और इस अम्र के लिये आमादा रहे के कसरते मुताल्लिक़ीन से परेशानी ज़रूर पैदा होगी और फिर परेशानी की शिकायत और फ़रयाद न करे।
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