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स्वान्तःसुखाय meaning in Hindi

pronunciation: [ sevaanetahesukhaay ]
स्वान्तःसुखाय meaning in English

Examples

  1. तुलसीदास ने अपनी अमर रचना किसी समालोचक या मूर्धन्य विद्वान को लक्ष्य करके उसकी ‘रिकॉग्नीशन ' पाने के लिए नहीं लिखी थी, बल्कि स्वान्तःसुखाय तुलसी रघुनाथगाथा का भाव ही प्रधान था।
  2. तो जब वह परमसुख का सुख परमात्मा ही सबकी आत्मा है , सबका अंतःकरण है तो एक का स्वान्तःसुखाय अखिल जगत का स्वान्तःसुखाय क्यों नहीं हो सकता , हो सकता है ।
  3. तो जब वह परमसुख का सुख परमात्मा ही सबकी आत्मा है , सबका अंतःकरण है तो एक का स्वान्तःसुखाय अखिल जगत का स्वान्तःसुखाय क्यों नहीं हो सकता , हो सकता है ।
  4. गोस्वामी तुलसीदास ने अपनी अमर रचना किसी समालोचक या मूर्धन्य विद्वान को लक्ष्य करके उसकी ‘रिकॉग्नीशन ' पाने के लिए नहीं लिखी थी, बल्कि स्वान्तःसुखाय तुलसी रघुनाथगाथा का भाव ही प्रधान था।
  5. गोस्वामी तुलसीदास ने अपनी अमर रचना किसी समालोचक या मूर्धन्य विद्वान को लक्ष्य करके उसकी ‘रिकॉग्नीशन ' पाने के लिए नहीं लिखी थी, बल्कि 'स्वान्तःसुखाय तुलसी रघुनाथगाथा' का भाव ही प्रधान था।
  6. तुलसीदास ने अपनी अमर रचना किसी समालोचक या मूर्धन्य विद्वान को लक्ष्य करके उसकी ‘ रिकॉग्नीशन ' पाने के लिए नहीं लिखी थी , बल्कि स्वान्तःसुखाय तुलसी रघुनाथगाथा का भाव ही प्रधान था।
  7. बड़े विनीत भावः से कह रहा हूँ कि राम करें स्वान्तःसुखाय रचनाएँ ब्लॉग , इंटरनेट की प्रभूत संपत्ति बन जाँय जो हर दर्शक और आस्वादक को बिना इति अथ के रसानुभूति में डुबोती रहें ।
  8. गोस्वामी तुलसीदास ने अपनी अमर रचना किसी समालोचक या मूर्धन्य विद्वान को लक्ष्य करके उसकी ‘ रिकॉग्नीशन ' पाने के लिए नहीं लिखी थी , बल्कि स्वान्तःसुखाय तुलसी रघुनाथगाथा का भाव ही प्रधान था।
  9. बड़े विनीत भावः से कह रहा हूँ कि राम करें स्वान्तःसुखाय रचनाएँ ब्लॉग , इंटरनेट की प्रभूत संपत्ति बन जाँय जो हर दर्शक और आस्वादक को बिना इति अथ के रसानुभूति में डुबोती रहें ।
  10. आज न तो कोई तुलसी की तरह ‘ स्वान्तःसुखाय रघुनाथगाथा ' लिखने के लिये तैयार है और न भवभूति की भाँति भविष्य में कृति का मूल्यांकन करनेवालों की आशा में निश्चिन्त होकर बैठ जाने को तैयार है।
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