×

सिन्दबाद meaning in Hindi

pronunciation: [ sinedbaad ]
सिन्दबाद meaning in English

Examples

  1. पीठ पर लदे बूढ़े ने सिन्दबाद से छीन कर सारी शराब पी डाली और जब बूढ़ा धुत हो कर श्लथ हो गया तो सिन्दबाद ने उसे उतार फैंका .
  2. पीठ पर लदे बूढ़े ने सिन्दबाद से छीन कर सारी शराब पी डाली और जब बूढ़ा धुत हो कर श्लथ हो गया तो सिन्दबाद ने उसे उतार फैंका .
  3. अंतत : एक लौकी के तुम्बे में सिन्दबाद ने अंगूर भर कर रख दिये और जब उनका खमीरीकरण हो कर शराब बन गयी तो चख कर बोला - वाह! क्या पेय है!
  4. अब ज्ञानदत्तजी बदल गये हैं , मीका वीका की खबरें रखने लगे हैं - यह मीका तो आलोक और काकेश ने सिन्दबाद जहाजी के बूढ़े की तरह मेरे कन्धे पर बिठा दिया है।
  5. कैसा अभिशाप है जैसे सिन्दबाद की पीठ पर चढ़ा बूढ़ा ? कुछ कुछ वैसा ही जैसा सुख के पठार पर पीछे तेज़ रफ्तार हाँफता भागता पीछा करता ताबड़तोड़ आता , वो , जो सुख नहीं है ।
  6. मैंने अपने हिसाब से वरिष् ठ कवि महोदय का जीवन-चरित्र लिखा फोटो चिपकाया , प्रेसनोट की छाया प्रतियां बनवाई , सुविधा के लिए एक अग्रेपण पत्र भी लिखा और लिफाफे बनाकर सिन्दबाद की यात्रा पर चल दिया।
  7. पीर-तस्मा पा को कंधे पर चढ़ाते ही उसने कैसे चमगादड़ की तरह सिन्दबाद की गर्दन अपनी टाँगों में भींच ल ी ? क्या संटियाँ मार-मारकर चौबीसों घंटे उसे हाँकता ही रहता थ ा, ' च ल, इधर च ल, उधर दौ ड़, खबरदार जो रुका तो ।'
  8. हमारे सामाजिक इतिहास की इस जटिल व्यूह-रचना को समझना-सुलझाना बड़ा ही कठिन है , वह भी तब , जब आपकी पीठ पर एक बेतरह पुरलुत्फ , लोकप्रिय और रुमानी कथानक द्वारा भरपूर दर्शक और पैसा खींचने की बाध्यता सिन्दबाद के बूढ़े की तरह आपको हर पल कोंचे जा रही हो।
  9. सिन्दबाद नाविक की कहानी में जिस प्रकार हम पढ़ते थे कि सिन्दबाद की गरदन पर सवार होकर उसके गले को अपने पाँवों में कसकर और दबाकर उस व्यक्ति ने सिन्दबाद को दौड़ाया , उससे परिश्रम कराया और स्वयं आनन्द भोगा , उसी प्रकार आज ये ऑक्सफोर्ड और कैम्ब्रिज से निकले श्याम वर्णवाले , ( दुर्योग से आज भी ऐसे लोग हैं जिन्हें इस सन्दर्भ में देखा जा सकता है।
  10. सिन्दबाद नाविक की कहानी में जिस प्रकार हम पढ़ते थे कि सिन्दबाद की गरदन पर सवार होकर उसके गले को अपने पाँवों में कसकर और दबाकर उस व्यक्ति ने सिन्दबाद को दौड़ाया , उससे परिश्रम कराया और स्वयं आनन्द भोगा , उसी प्रकार आज ये ऑक्सफोर्ड और कैम्ब्रिज से निकले श्याम वर्णवाले , ( दुर्योग से आज भी ऐसे लोग हैं जिन्हें इस सन्दर्भ में देखा जा सकता है।
More:   Prev  Next


PC Version
हिंदी संस्करण


Copyright © 2023 WordTech Co.