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मूत्रकृच्छ meaning in Hindi

pronunciation: [ muterkerichechh ]
मूत्रकृच्छ meaning in English

Examples

  1. यदि रोगी मूत्रकृच्छ रोग से पीड़ित है और पेशाब करने में कष्ट होने के साथ कमर में दर्द भी रहता है।
  2. ऐसे लक्षणों वाले मूत्रकृच्छ रोग में रोगी को कैन्थरिस औषधि की 6 या 30 शक्ति का उपयोग करना हितकारी होता है।
  3. पीड़ा रहित , अधिक मात्रा में, बारंबार, समय समय पर रक्तमेह तथा रक्तक्षीणता, मूत्रकृच्छ और अकृष्य मूत्राशय प्रदाह इसके मुख्य लक्षण हैं।
  4. आयुर्वेद के अनुसार यह कफ , पित्त , कुष्ठ , दाह , मूत्रकृच्छ , वायु तथा रक्तदोष का नाश करता है।
  5. आयुर्वेद के अनुसार यह कफ , पित्त , कुष्ठ , दाह , मूत्रकृच्छ , वायु तथा रक्तदोष का नाश करता है।
  6. इससे प्रमेह , मूत्रकृच्छ , गठिया , मधुमेह , धातु विकार , स्वप्नदोष , शुक्र तारल्य आदि रोग खत्म होता है।
  7. इससे प्रमेह , मूत्रकृच्छ , गठिया , मधुमेह , धातु विकार , स्वप्नदोष , शुक्र तारल्य आदि रोग खत्म होता है।
  8. मूत्रकृच्छ : दूब की जड़ को पीसकर सेवन करने से मूत्रकृच्छ ( पेशाब मे जलन ) का रोग नष्ट हो जाता है।
  9. मूत्रकृच्छ : दूब की जड़ को पीसकर सेवन करने से मूत्रकृच्छ ( पेशाब मे जलन ) का रोग नष्ट हो जाता है।
  10. 8 - 10 नग मुनक्कों को बासी पानी में पीसकर चटनी की तरह पानी के साथ लेने से मूत्रकृच्छ में लाभ होता है।
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