मर्म स्थान meaning in Hindi
pronunciation: [ merm sethaan ]
Examples
- ऊपर पहले बताया जा चुका है कि मंत्रों का सीधा सम्बंध शरीर विज्ञान से है अर्थात् मुख से बोले जाने वाले शब्दों में प्रयोग स्वर व व्यंजन का हमारे शरीर के मर्म स्थानों से सीधा सम्बंध होता है , यानि के जब हम कोई शब्द उच्चारित करते हैं तो शरीर के उन मर्म स्थान पर स्पंदन होता है जहां का शब्दों में प्रयुक्त स्वर व व्यंजन कारक है ;
- भारत सहित अन्य देशों में उम्दा साहित्यकारों एवं साहित्य प्रेमीयों के हर उस अनछुए पहलुओं एवं मर्मस्पर्शी वेदना के मर्म स्थान को अमृतमय और ज्ञान की गर्माहट से तप्त भूमि की वर्षाऋतु मे सोंधापन की सोंधी सुगन्ध भ्रमरों तितलियों के लिए पराग कण का प्राशन करना चाहते हैं , उनके इन सभी चाहों को पूरी करती यह संजय जी की कृती कुछ भी उल्लेखनीय नहीं के लिए उनको सहृदय धन्यवाद।
- पिंड पिंड से बनने संख्या वाले अवयव प्रथम शीरादिडवयव निमिŸा द्वितीय कर्ण , नेत्र , मुख , नासिका तृतीय गीवा , स्कंध , भुजा , वक्ष चतुर्थ नाभि , लिंग , योनि , गुदा पंचम जानु , जंघा , पैर षष्ठ सर्व मर्म स्थान , पाद , उंगली सप्तम सर्व नाड़ियां अष्टम दंत , रोम नवम वीर्य , रज दशम सम्पूर्णाऽवयव , क्षुधा , तृष्णा पिंडों के ऊपर जल , चंदन , सुतर , जौ , तिल , शंख आदि से पूजन कर संकल्पसहित श्राद्ध को पूर्ण करें।