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भयावना meaning in Hindi

pronunciation: [ bheyaavenaa ]
भयावना meaning in English

Examples

  1. बड़े-बड़े नाम अरे कैसे शामिल हो गये इस बैण्ड-दल में ! उनके पीछे चल रहा संगीत नोकों का चमकता जंगल, चल रही पदचाप, ताल-बद्ध दीर्घ पाँत टेंक-दल, मोर्टार, ऑर्टिलरी, सन्नद्ध, धीरे-धीरे बढ़ रहा जुलूस भयावना, सैनिकों के पथराये चेहरे चिढ़े हुए, झुलसे हुए, बिगड़े हुए गहरे!
  2. सच में , यह पूरी तरह से असंभव है कि इस तरह का भयावना और अप्रिय कल्पनालोक कभीं आयेगा भी . हमारी कहानी का अंत , हमारे इतिहास की समाप्ति , अभीं लिखी नहीं गयी है , और न इसके बारे में पूर्व सुनिश्चित है .
  3. कहानी तो लंबी है , जो पढ़ना चाहें, तुलसी रामायण में पढ़ लें, पर जिस चीज के साथ मेरे विषय का संबंध है, वह बस इतनी ही है कि भगवान ने नारद को बंदर का भयावना चेहरा दे दिया और राजकुमारी ने उनकी ओर देखा तक नहीं।
  4. अगर ऐसा भयावना परमेश्वर असली रूप से महिमा के साथ आता तब सारे विश्व में कौन परमेश्वर के सामने आज्ञाकारी नहीं रहेगा ? कहां वह रहता जो विश्वास नहीं करता ? और किसे ऐसी हिम्मत है कि परमेश्वर को घूसों से और थप्पड़ मार कर क्रूस पर लटका सकता ?
  5. कहानी तो लंबी है , जो पढ़ना चाहें , तुलसी रामायण में पढ़ लें , पर जिस चीज के साथ मेरे विषय का संबंध है , वह बस इतनी ही है कि भगवान् ने नारद को बंदर का भयावना चेहरा दे दिया और राजकुमारी ने उनकी ओर देखा तक नहीं। '
  6. ढूंढता रहा खजाना खुशियों का भौतिकता की चकाचौंध से ऊंची दुकानों में फीके पकवानों में जलाता रहा दीपों की पंक्ति निराशा का अन्धेरा मिटाने की चाह में मगर दीपों की पक्तियां बुझती रही अन्धेरा बढता रहा भयावना और भयावना बुझ चुका था अन्तिम दीप भी सनसनाती हवा के झोंके से केवल इन्तजार था अब फिर [ ...]
  7. ढूंढता रहा खजाना खुशियों का भौतिकता की चकाचौंध से ऊंची दुकानों में फीके पकवानों में जलाता रहा दीपों की पंक्ति निराशा का अन्धेरा मिटाने की चाह में मगर दीपों की पक्तियां बुझती रही अन्धेरा बढता रहा भयावना और भयावना बुझ चुका था अन्तिम दीप भी सनसनाती हवा के झोंके से केवल इन्तजार था अब फिर [ ...]
  8. ढूंढता रहा खजाना खुशियों का भौतिकता की चकाचौंध से ऊंची दुकानों में फीके पकवानों में जलाता रहा दीपों की पंक्ति निराशा का अन्धेरा मिटाने की चाह में मगर दीपों की पक्तियां बुझती रही अन्धेरा बढता रहा भयावना और भयावना बुझ चुका था अन्तिम दीप भी सनसनाती हवा के झोंके से केवल इन्तजार था अब फिर [ … ]
  9. ढूंढता रहा खजाना खुशियों का भौतिकता की चकाचौंध से ऊंची दुकानों में फीके पकवानों में जलाता रहा दीपों की पंक्ति निराशा का अन्धेरा मिटाने की चाह में मगर दीपों की पक्तियां बुझती रही अन्धेरा बढता रहा भयावना और भयावना बुझ चुका था अन्तिम दीप भी सनसनाती हवा के झोंके से केवल इन्तजार था अब फिर [ … ]
  10. बड़े-बड़े नाम अरे कैसे शामिल हो गये इस बैण्ड-दल में ! उनके पीछे चल रहा संगीत नोकों का चमकता जंगल , चल रही पदचाप , ताल-बद्ध दीर्घ पाँत टेंक-दल , मोर्टार , ऑर्टिलरी , सन्नद्ध , धीरे-धीरे बढ़ रहा जुलूस भयावना , सैनिकों के पथराये चेहरे चिढ़े हुए , झुलसे हुए , बिगड़े हुए गहरे ! शायद , मैंने उन्हे पहले भी तो कहीं देखा था।
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