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फरीक meaning in Hindi

pronunciation: [ ferik ]
फरीक meaning in English

Examples

  1. * ' ' ' धारा 8 '' ' . जब कभी अंग्रेजी सरकार और मराठों के बीच सन्धि होगी , उस समय जो अहदनामा होगा , महाराज साहब बतौर एक फरीक के उसमें शामिल होंगे।
  2. बकाया रकबा पत्थर खुदान व खाली पड़ा है और उपरोक्त कुल रकबा के मालिक गैर फरीक वाद पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी कनखल रहे हैं तथा विवादित सम्पत्ति पर पहले अखाड़ा उपरोक्त तन्हा रूप से काबिज था।
  3. इसके अतिरिक्त प्रष्नगत सम्पत्ति के अतिरिक्त एवं इससे मिला एक छोटा प्लाट स्थित खसरा संख्या-2 को वादी ने गैर फरीक वाद नन्दकिषोर पुत्र घासीराम निवासी निकट त्रिपाठी अस्पताल टिबड़ी परगना ज्वालापुर तहसील व जिला हरिद्वार को दिया।
  4. नोहरी - अदालत का फैसला कभी दोनों फरीक ने पसन्द किया है कि तुम्हीं करोगे ? गंगा ने नोहरी के चरण दुए , फिर भाई से गले मिला और बोला - कल दादा को कहला भेजना कि मै जाता हूँ।
  5. सुलह हदीबिया के तहत मुहम्मद और कुरैश के दरमियान एक मुआहिदा हुआ था कि मक्का और मदीने से जो लोग एक जगह से दूसरे के हद में दाखिल हों उन्हें दोनों फरीक अपने यहाँ से वापस उसके हद में भेज दे।
  6. अधीनस्थ न्यायालय ने पत्रावली का सम्यक ढंग से परिशीलन किये बिना ही गॉंव पंचायत की भूमि , जिसकी मालिक उ. प्र. राज्य है, को बिना फरीक मुकदमा बनाये ग्राम प्रधान से मिलकर वादी द्वारा वाद प्रस्तुत किये जाने पर उक्त निर्णय व डिक्री गलत ढंग से पारित किया है।
  7. जब अपीलार्थी-वादी के पक्ष में वाद कारण उत्पन्न होना माना गया है और कोई वाद कारण गैर फरीक मुकदमा क्रेतागण के विरूद्ध ना तो निष्कर्षित किया गया है और ना ही अपीलार्थी-वादी द्वारा आरोपित किया गया है तो ऐसी दषा में उनको आवष्यक पक्षकार नहीं माना जा सकता था।
  8. अगर दूसरे फरीक ने ऐलान के बगैर आक्रामक कार्यवाइयों की शुरूआत कर दी हो तो फिर हम बगैर ऐलान किये उसके खिलाफ जंग कर सकते हैं , वरना कुरआन हमे यह हुक्म दे रहा है कि ऐलान करके उसे बता दो कि अब हमारे और तुम्हारे बीच कोर्इ अहद बाकी नही रहा हैं और अब हम और तुम बरसरे जंग हैं।
  9. यह बात सही है कि यदि गैर फरीक मुकदमा श्री विनोद कुमार श्री सुषील कुमार के विरूद्ध अपीलार्थी-वादी को कोई वाद कारण प्राप्त नहीं रहा है और ना ही उनके द्वारा कभी अपीलार्थी-वादी को बेदखल करने का प्रयास किया गया है और ना ही धमकी दी गई है तो श्री विनोद कुमार श्री सुषील कुमार को आवष्यक पक्षकार नहीं माना जा सकता था।
  10. अतःप्रस्तुत प्रकरण में योगदायी उपेक्षा का मामला नही बनता बल्कि मामला कम्पोजिट नेग्लीजेन्सका है अतः ट्क डब्लू . बी03 बी-1703 के मालिक व उसकी बीमा कम्पनी को फरीक न बनाये जाने के कारण आवश्यक पक्षकारों को पक्ष न बनाने के दोष से दूषित नही है अतः वाद बिन्दु संख्या 3 विपक्षी यू. पी. एस. आर. टी. सी के विरूद्ध नकारात्मक रूप से निर्णीत की जाती हैं।
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