प्रमेह रोग meaning in Hindi
pronunciation: [ permeh roga ]
Examples
- आयुर्वेद में सदियों पूर्व प्रमेह रोग के रूप में डाइबिटीज को समाहित किया था , एवं इसके मूल कारणों में आरामतलबी जीवन एवं खानपान को बतलाया गया था।
- प्रमेह रोग में बरगद की ताजी छाल के बारीक पाउडर में चीनी मिलाकर 4 ग्राम की मात्रा में ताजे पानी के साथ सेवन करने से लाभ होता है।
- फिर इसकी 250 मिलीग्राम की गोली बनाकर सुबह-शाम 1 - 1 गोली गाय के दूध या पानी के साथ सेवन करने से प्रमेह रोग में लाभ होता है।
- इसे त्रिफला चूर्ण कहते हैं और इस चूर्ण का सेवन कफ और पित्त को मिटा देता है , कब्ज, कोढ़ और प्रमेह रोग को भी यह ठीक कर देता है।
- इसे त्रिफला चूर्ण कहते हैं और इस चूर्ण का सेवन कफ और पित्त को मिटा देता है , कब्ज , कोढ़ और प्रमेह रोग को भी यह ठीक कर देता है।
- पेशाब के साथ खून आने के कई कारण होते हैं जैसे- मूत्र ग्रन्थियों पर आघात होने , चोट लगने , गिरने , सर्दी लगने , पथरी होने तथा प्रमेह रोग आदि।
- प्रमेह - गूलर का दूध बताशे में रखकर सेवन करने से प्रमेह रोग नष्ट होता है| प्रमेह रोग नाशक गूलर के पके फल भी हैं| अत : इनका भी सेवन किया जा सकता है|
- प्रमेह - गूलर का दूध बताशे में रखकर सेवन करने से प्रमेह रोग नष्ट होता है| प्रमेह रोग नाशक गूलर के पके फल भी हैं| अत : इनका भी सेवन किया जा सकता है|
- यह मल को रोकती है , पित्त को दूर करती है , मूत्रकृच्छ को ठीक करती है , पथरी को गलाती है , जलन को दूर करती है और प्रमेह रोग को समाप्त करती है।
- प्रमेह रोग से पीड़ित रोगी के शरीर का खून दूषित हो गया हो और बुखार हो गया हो , शाम के चार से आठ बजे के बीच में बुखार होता हो , ठंड लगने तथा पसीना आने वाली अवस्था में प्यास न रहना।