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प्रबन्धकाव्य meaning in Hindi

pronunciation: [ perbendhekaavey ]
प्रबन्धकाव्य meaning in English

Examples

  1. राजस्थान के सम्मानित एवं पुरष्कृत कविवर श्री बलवीर सिंह ‘ करुण ' अपने गीतिकाव्य और प्रबन्धकाव्य की प्रगतिशील भारतीय जीवन दृष्टि और प्रभावपूर्ण शब्दशिल्प के कारण अब अखिल भारतीय स्तर पर चर्चित हैं।
  2. नतीजा यह हुआ है कि जहां महाभारत में रामोपाख्यान , नलोपाख्यान , शकुन्तलोपाख्यान जैसी कथाएं उसके इतिहास चरित्र को निखारती हैं तो वहां शान्तिपर्व , अनुशासनपूर्व जैसे अंशों से इस प्रबन्धकाव्य का धर्मशास्त्र चरित्र उभर कर सामने आ गया है।
  3. इससे पहले अकादमी के उपसचिव ब्रजेन्द्र त्रिपाठी ने उनका संक्षिप्त परिचय देते हुए कहा कि 1948 में राजस्थान के नवलगढ़ में जन्मे उदभ्रांत जी की पहचान नवगीतकार , गज़लगो , समकालीन कविता के कवि , आलोचक के साथ-साथ प्रबन्धकाव्य रचियता के रूप में है।
  4. इसी तरह प्रबन्धकाव्य लिखते समय भले ही अधिकतर लोगों ने पूर्वी क्षेत्र में अवधी भाषा , पश्चिम क्षेत्र में डिंगल का प्रयोग किया, किन्तु गेय पदों या मुक्तकों की रचना करते समय पूर्व या पश्चिम हर एक प्रदेश के कवि ब्रजभाषा का अध्ययन करते हैं।
  5. इसी तरह प्रबन्धकाव्य लिखते समय भले ही अधिकतर लोगों ने पूर्वी क्षेत्र में अवधी भाषा , पश्चिम क्षेत्र में डिंगल का प्रयोग किया , किन्तु गेय पदों या मुक्तकों की रचना करते समय पूर्व या पश्चिम हर एक प्रदेश के कवि ब्रजभाषा का अध्ययन करते हैं।
  6. ' मानस' 'गीतावली' की तुलना में आकार-प्रकार से चौगुना है और प्रबन्धकाव्य हैं, फिर भी ये कथा-विस्तार से ज्ञात होता है कि 'गीतावली' के कुछ अंश 'मानस' के पूर्व की रचना अवश्य होंगे और इसी प्रकार उपर्युक्त दूसरे प्रकार के कथा-विस्तारों से ज्ञात होता है कि उसके अंश 'रामचरित मानस' के बाद की रचना होंगे।
  7. ' मानस ' ' गीतावली ' की तुलना में आकार-प्रकार से चौगुना है और प्रबन्धकाव्य हैं , फिर भी ये कथा-विस्तार से ज्ञात होता है कि ' गीतावली ' के कुछ अंश ' मानस ' के पूर्व की रचना अवश्य होंगे और इसी प्रकार उपर्युक्त दूसरे प्रकार के कथा-विस्तारों से ज्ञात होता है कि उसके अंश ' रामचरित मानस ' के बाद की रचना होंगे।
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