पुरीष meaning in Hindi
pronunciation: [ puris ]
Examples
- 8- श्वेत विट्कता - पुरीष का श्वेत वर्ण होना 9- श्वेत मूत्रता - मूत्र के वर्ण का श्वेत होना
- अवष्टभ्य पुरीषस्थं अष्टांग हृदय के इस सूत्र के अनुसार पुरीष अवष्टभ्य ( धारण ) करने वाला होता है ।।
- पुरीष का वेग रोकने से- ऐंठन , प्रतिश्याय , सिरःशूल , उद्गार हृदयगति में अवरोध आदि विकार होते हैं ।।
- पुरीष में वृद्धि होने पर- कुक्षि में शूल , अन्त्रकूजन , आहमान तथा शरीर का भारीपन आदि होते हैं ।।
- इसका कार्य अन्न को पचाना , अग्नि को बल प्रदान करना तथा रस पुरीष और मूत्र को पृथक करना है ।।
- कूड़ा , कचरा , पुरीष , कूड़ा , भंगार ; ऐसी चीज़ जो बिलकुल रद्दी मान ली गई हो 11 .
- कूड़ा , कचरा , पुरीष , कूड़ा , भंगार ; ऐसी चीज़ जो बिलकुल रद्दी मान ली गई हो 11 .
- पक्वाशय या स्थूल में पुरीष धरा कला स्थित है- यह कोष्ठ में चारों ओर क्षुद्रान्त्र यकृत तथा प्लीहा के ऊपर रहती है ।।
- कोष्ठबद्धता में आंत्रों में अधिक पुरीष ( मल ) एकत्र हो जाता है और ऐसे में कुछ खाने की इच्छा नहीं होती है।
- अधिक समय तक कोष्ठबद्धता ( कब्ज ) की विकृति बनी रहे तो पुरीष ( मल ) अधिक शुष्का और कठोर हो जाता है।