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पीलक meaning in Hindi

pronunciation: [ pilek ]
पीलक meaning in English

Examples

  1. उन्हीं की तरह यह प्यार करती है मगर अपने अंडे चोरी-छुपे काली-कलूटी ‘पहाड़ी भुजंगा ' (ड्रोंगो) या काली-बसंती पीलक (ओरियोल) चिड़िया के घोंसले में दे देती है।
  2. शाउबोगी ( iora), चकदील (fanitail) और अन्य पतिरंग (flycatener), पीलक, मज्जिका, बुलाल चश्म (minivet), कूजिनी (reed warbler), कोकिल, लेढोरा या पचनक (shrikes) इत्यादि उपर्युक्त प्रकार के घोंसले बनाती हैं।
  3. यहां पाए जाने वाले प्रमुख पक्षियों में सारस , छोटी बत्तख, पिन्टेल, तालाबी बगुला, मोर-मोरनी, मुर्गा-मुर्गी, तीतर, बटेर, हर कबूतर, पहाड़ी कबूतर, पपीहा, उल्लू, पीलक, किंगफिशर, कठफोडवा, धब्बेदार पेराकीट्स आदि हैं।
  4. यहां पाए जाने वाले प्रमुख पक्षियों में सारस , छोटी बत्तख, पिन्टेल, तालाबी बगुला, मोर-मोरनी, मुर्गा-मुर्गी, तीतर, बटेर, हर कबूतर, पहाड़ी कबूतर, पपीहा, उल्लू, पीलक, किंगफिशर, कठफोडवा, धब्बेदार पेराकीट्स आदि हैं।
  5. इनमें से कुछ प्रमुख जीव और पक्षी हैं- हाथी , गौर , बाघ , चीता , भालू , भेड़िया , रॉकेट टेल ड्रॉन्गो , बुलबुल , काले सिर वाला पीलक , बतख और हरा कबूतर।
  6. किन्तु यह सुनहली चिडिया दिल्ली की सामान्य लडक़ी सी न थी जो कि झपट्टे से हाथ मारकर अपना हार चुराने वाले से हार न बचा पाए इस पीलक ने भी पैंतरा बदला और चिल्लाया , “क्या मुझे कोई उडने वाला कीट समझ रखा है जो यूं
  7. यहां पाए जाने वाले प्रमुख पक्षियों में सारस , छोटी बत्तख , पिन्टेल , तालाबी बगुला , मोर-मोरनी , मुर्गा-मुर्गी , तीतर , बटेर , हर कबूतर , पहाड़ी कबूतर , पपीहा , उल्लू , पीलक , किंगफिशर , कठफोडवा , धब्बेदार पेराकीट्स आदि हैं
  8. यहां पाए जाने वाले प्रमुख पक्षियों में सारस , छोटी बत्तख , पिन्टेल , तालाबी बगुला , मोर-मोरनी , मुर्गा-मुर्गी , तीतर , बटेर , हर कबूतर , पहाड़ी कबूतर , पपीहा , उल्लू , पीलक , किंगफिशर , कठफोडवा , धब्बेदार पेराकीट्स आदि हैं
  9. अगरतला के अतिरिक्त दर्शनीय स्थल- पीलक उदयपुर [ राजस्थान राज्य के उदयपुर की तरह इस उदयपुर को भी त्रिपुरा में झीलों का शहर कहते हैं.] त्रिपुरेश्वरी मंदिर[त्रिपुरा सुंदरी मंदिर ] - त्रिपुरा सुंदरी माता को ५१ शक्तिपीठों में एक माना गया है.साधना ग्रन्थों में त्रिपुरा महाशक्ति को त्रिपुर सुन्दरी-त्रिपुर भैरवी नाम भी दिये गये हैं.त्रिपुरा के तीन मुख-तीन आयामी सृष्टि, त्रिगुण, त्रिकाल के प्रतीक हैं .
  10. ख़ुदाया … गोल्डेन ओरियल नामक चिड़िया को पीलक भी कहते हैं चित्र-गूगल साभार मद्धम सुर की दोपहर आस-पास , गुज़रते वक़्त की चहलकदमी में एक मीठी दोपहर करवट लेती है . दिन का , रेशमी उजास.... फिसलता .... चमेली के पेड़ की हरी पत्तियों को भिगोता ,उसकी छाया में सुस्ताते उजले फूलों के अंबार पर बूंद-बूंद झरता है कपोत के जोड़े की अर्द्धचन्द्राकार उड़ान, नीले आसमान के कैनवास पर उभर कर अनायास...
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